अक्तूबर समाजवादी क्रांति ने मानव इतिहास को दिया नया मोड़ : विर्क

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सिरसा 8 नवम्बर – शहीद करतार सिंह सराभा हॉल में ‘महान अक्तूबर समाजवादी क्रांति’ की 104वीं वर्षगांठ धूमधाम के साथ मनाई गई। इस अवसर पर उपस्थितजनों को सम्बोधित करते हुए मुख्य वक्ता के रूप में का० स्वर्ण सिंह विर्क ने कहा कि इस क्रांति ने मानव इतिहास को नया मोड़ दिया व दुनिया में प्रथमत: समाजवाद राज्य की स्थापना हुई, जिसने विश्व में शांति व शोषण के विरूद्ध आदेश जारी करके मानवीय गरिमा को बहाल किया। सदियों से उत्पीडि़त मजदूर जमात पहली बार शासक बनी जिसने अल्पसंख्यकों व दबाए गए वर्ग को मुक्त करने का काम किया। इस क्रांति की वजह से भारत सहित एशिया व अफ्रीका के बहुत-से गुलाम देशों की आजादी का मार्ग प्रशस्त हुआ। लेनिन का देश सोवियत देश, पं० नेहरू के साथ विश्व रंग-मंच पर शांति, गुट-निरपेक्षता व सैन्यवाद के विरूद्ध दुनिया में नई समझ के साथ आया। निशस्त्रीकरण व एटमी विभीषका से संसार को मुक्त करने हेतु नया सिद्धांत प्रस्तुत किया गया, जिससे अलग विचारधाराओं के लिए तनाव शैथिल्य हो सके। कल्याणकारी राज्य का संकल्प इसी क्रांति का उपसंहार था। उन्होंने कहा कि आज भी करोड़ों मेहनतकश लोग इस क्रांति को लाने हेतु प्रयासरत व आंदोलनरत हैं जो कि माक्र्सवाद के आज के संदर्भ में प्रासंगिक बनता है। उन्होंने इंगित किया कि समाजवाद का रूसी मॉडल भले ही टूट गया हो परन्तु समाजवाद आज भी वांछनीय है। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए का० राजकुमार ने कहा कि आज पूंजीवाद ने भ्रष्टाचार को संस्थागत रूप दे दिया है। अंत में बचन सिंह मौजी एडवोकेट ने आए हुए श्रोताओं का आभार व्यक्त किया। मंच संचालन का० जगरूप सिंह चौबुर्जा ने किया। इस अवसर पर सुरेश मेहता एडवोकेट, गुरतेज सिंह, हरदेव सिंह संधु, हमजिन्द्र सिंह, कृपाशंकर त्रिपाठी, डॉ० सुखदेव जम्मू, प्रीतपाल, जोगिन्द्र सिंह बराड़, पालासिंह चीमा व मनोज पचेरवाल सहित अन्य गणमान्य लोग उपस्थित थे।