अत्याचार निवारण अधिनियम के तहत दर्ज मामलों की जांच में लाएं तेजी : उपायुक्त अनीश यादव

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हरियाणा; सिरसा, 8 सितंबर।
उपायुक्त अनीश यादव ने निर्देश दिए कि अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम 1989 के तहत जिले में दर्ज हुए मामलों की जांच में तेजी लाएं, जिससे पीडि़तों को जल्द न्याय दिलाकर आर्थिक सहायता दी जा सके। इसके साथ ही यह भी सुनिश्चित करें कि पुलिस जांच लंबित न रहे और एक तय समय में मामलों की जांच की जाए।
उपायुक्त बुधवार को लघुसचिवालय स्थित सभागार में जिला स्तरीय सर्तकता एवं निगरानी कमेटी की त्रैमासिक बैठक की अध्यक्षता करने के दौरान संबंधित अधिकारियों को दिशा-निर्देश दे रहे थे। इस दौरान उन्होंने अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम 1989 के तहत दर्ज केसों व पीडि़तों को दी जा रही आर्थिक सहायता की समीक्षा की। बैठक में डीएसपी आर्यन चौधरी, नगर परिषद ईओ संदीप मलिक, जिला समाज कल्याण अधिकारी सुशील कुमार, सहित समिति के सदस्य उपस्थित थे।
उन्होंने कहा कि अनुसूचित जाति-जनजाति के व्यक्ति के साथ किसी भी प्रकार का अत्याचार या दुव्र्यवहार होता है तो पीडि़त परिवार को तुरंत प्रभाव से आर्थिक सहायता प्रदान की जाए। पीडि़त को समय पर मिली सहायता आर्थिक सबल बनाने के साथ-साथ भावनात्मक रूप से भी मदद करती है। इसलिए किसी दुर्घटना या अत्याचार के शिकार व्यक्ति को समय पर आर्थिक मदद मुहैया करवाई जाए और इस बात का विशेष ध्यान रखें कि आर्थिक सहायता देने में किसी प्रकार का विलंब न हो।
उन्होंने बताया कि इस अधिनियम के अंतर्गत गैर अनुसूचित जाति के व्यक्तियों द्वारा पीडि़त अनुसूचित जाति के व्यक्तियों पर होने वाले अत्याचारों जैसे भूमि का अनधिकृत कब्जा, कत्ल, डकैती, दुष्कर्म, आगजनी आदि से पीडि़त व्यक्तियों को 85 हजार से 8.25 लाख रुपये तक की आर्थिक सहायता प्रदान करने का प्रावधान है।
वित्त वर्ष 2021-22 में अब तक 24 पीडि़तों को दी जा चुकी आर्थिक सहायता :
उपायुक्त अनीश यादव नेे बताया कि वर्ष 2021-22 में अब तक 24 पीडि़तों को 19 लाख 63 हजार 750 रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जा चुकी है। उन्होंने कहा कि अनुसूचित जाति-जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम 1989 के मद्देनजर गैर अनुसूचित जाति के व्यक्तियों द्वारा अनुसूचित जाति के व्यक्तियों के साथ अत्याचार किए जाने के फलस्वरूप अपराध की प्रवृति को ध्यान में रखकर आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है। यह राशि विभिन्न प्रकार के अत्याचारों जैसे अपमानित, क्षति पहुंचाना, छेड़छाड़, बलात्कार व नरसंहार, चल-अचल संपत्ति का नुकसान, स्थाई/अस्थाई अपंगता आदि घटित होने पर प्रदान की जाती है।
जिला सतर्कता एवं निगरानी समिति के सदस्य :
जिला न्यायवादी दीपक लेगा, वैटरनरी सर्जन सुरेंद्र कुमार, सुनील बामणिया, वेद प्रकाश, अमरनाथ बागड़ी, जुगनु राम नंबरदार, बग्गा राम, साजन सिंह, ऑल इंडिया शिरोमणी शहीद बाबा जीवन सिंह दल के प्रधान रंजीत भट्टïी, श्याम भारती हैं।