असम :- नॉर्थ-ईस्ट में प्रभावशाली हिमंत बिस्वा विधायक दल के नेता बने, नई कैबिनेट के साथ कल शपथ लेंगे

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असम विधानसभा चुनाव के नतीजों के एक हफ्ते बाद मुख्यमंत्री का नाम तय हो गया है। हिमंत बिस्वा सरमा को रविवार को विधायक दल की बैठक में नेता चुना गया। बैठक में केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर, पार्टी महासचिव अरुण सिंह और भाजपा के असम प्रभारी बैजयंत पांडा भी शामिल हुए। इससे पहले मुख्यमंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने राज्यपाल जगदीश मुखी को अपना इस्तीफा सौंप दिया था।
सरमा और सोनोवाल शनिवार को ही दिल्ली में हाईकमान से मिलकर लौटे थे। दिल्ली में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्‌डा के आवास पर हाईप्रोफाइल मीटिंग हुई थी। जिसमें गृह मंत्री अमित शाह और भाजपा के जनरल सेक्रेटरी (संगठन) बीएल संतोष की मौजूदगी में नए मुख्यमंत्री के नाम पर चर्चा हुई। इसके बाद से ही सरमा को सीएम बनाए जाने की अटकलें तेज थीं। सरमा ने बताया कि असम की नई कैबिनेट सोमवार दोपहर 12 बजे शपथ लेगी।
इसलिए नेतृत्व में किया गया बदलाव
बिस्वा पूरे नॉर्थ-ईस्ट में काफी प्रभावी माने जाते हैं। सोनोवाल सरकार में उन्होंने फाइनेंस, प्लानिंग एंड डेवलपमेंट, हेल्थ एंड फैमिली वेलफेयर, एजुकेशन और PWD जैसे अहम विभागों का जिम्मा संभाला था। केंद्रीय नेतृत्व के टॉप नेताओं से भी उनके अच्छे संबंध हैं। ऐसे में मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा है कि बीजेपी पर बिस्वा को असम की कमान सौंपने का दबाव था।
बिस्वा 2015 में कांग्रेस छोड़कर बीजेपी में शामिल हुए थे। माना जाता है कि उस वक्त बिस्वा के पॉलिटिकल मैनेजमेंट स्किल्स से अमित शाह काफी प्रभावित हुए थे। नॉर्थ-ईस्ट में बीजेपी के विस्तार में भी बिस्वा की अहम भूमिका मानी जाती है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, अमित शाह ने भी इस बात को माना था।
बिस्वा नॉर्थ ईस्ट डेमोक्रेटिक अलायंस के संयोजक भी रह चुके हैं। इस अलायंस का गठन क्षेत्रीय दलों को बीजेपी की अगुवाई में लाने के लिए किया गया था। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक बिस्वा की निगाहें भी हमेशा से मुख्यमंत्री की कुर्सी पर थीं।