आंगनवाड़ी केंद्रों का चयन कर बनाई जाए पोषण वाटिका, औषधीय पौधे लगाकर करें देखभाल : उपायुक्त अनीश यादव

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हरियाणा; सिरसा, 31 अगस्त। उपायुक्त अनीश यादव ने कहा कि पोषण माह के तहत प्रथम सप्ताह में ब्लॉक स्तर पर आंगनवाड़ी केंद्रों का चयन कर उनमें पोषण वाटिका बनाई जाए जिसमें औषधीय पौधे रोपित करें और उनकी देखभाल भी बेहतर तरीके से करें। इस कार्य में बागवानी विभाग की भी सहायता लें और पौधों की देखभाल व खाद आदि के बारे में सुपरवाइजर, आंगनवाड़ी वर्कर को प्रशिक्षण भी दिलवाया जाए। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के ‘सुपोषित भारत-कुपोषण मुक्त भारतÓ के दृष्टिगत चौथा राष्ट्रीय पोषण माह मनाया जाएगा। संबंधित विभाग इस अभियान के तहत सामुदायिक भागीदारी पर विशेष फोकस रखा जाए, विशेषकर महिलाओं को पौष्टिक आहार के महत्व के बारे में बताएं।
उपायुक्त मंगलवार को स्थानीय लघु सचिवालय के बैठक कक्ष में पोषण अभियान को लेकर विभिन्न विभागों के अधिकारियों की बैठक ली और आवश्यक दिशा निर्देश दिए। उपायुक्त ने वृद्धि निगरानी, कुपोषण की पहचान व स्वच्छता एवं साफ सफाई के पोस्टर व पंपलेट भी लांच किए। ये पोस्टर व पंपलेट आंगनवाड़ी केंद्रों के माध्यम से वितरित किए जाएंगे। बैठक में पीओ आईसीडीएस डा. दर्शना सिंह ने उपायुक्त को पोषण माह के तहत आयोजित की जाने वाली गतिविधियों की जानकारी दी। बैठक में सीएमजीजीए कुनाल चौहान, उप निदेशक कृषि डा. बाबूलाल, जिला बागवानी अधिकारी रघुबीर सिंह झोरड़, उप सिविल सर्जन डा. बुधराम सहित सभी सीडीपीओ व अन्य विभागों के अधिकारी मौजूद थे।
उपायुक्त ने कहा कि किशोर लड़कियों, गर्भवती महिलाओं और स्तनपान कराने वाली माताओं को जागरूक करने और स्वच्छता का संदेश दिया जाए। इस राष्ट्रीय पोषण माह 2021 के तहत 4 सप्ताह चार अलग-अलग थीम रहेंगी। इसमें आहार में विविधता और पौष्टिकता को बढ़ाने के लिए बाजरा, दालें, बारहमासी और मौसमी स्थानीय सब्जियों, फलों आदि के उपयोग करने के बारे में नागरिकों जागरूक किया जाए। उन्होंने कहा कि पोषण माह के तहत जिला स्तर, खंड स्तर व आंगनबाड़ी स्तर पर कार्यक्रम आयोजित किए जाए, जिसके तहत जिले में स्थापित सभी आंगनबाड़ी केंद्रों में बच्चों, किशोरियों व महिलाओं के स्वास्थ्य के प्रति जानकारी दी जाए। उन्होंने कहा कि जागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से बच्चों, गर्भवती महिलाओं और स्तनपान कराने वाली माताओं के लिए भोजन के सही तरीके से पकाने व खाने के बारे में जानकारी दी जाए। इसके अलावा कुपोषित बच्चों की विशेष निगरानी के साथ-साथ समय-समय पर उनका वजन की जांच करें और माताओं को बच्चे के खानपान व पौष्टिक आहार की विस्तृत जानकारी दें।
पीओ आईसीडीएस डा. दर्शना सिंह ने बताया कि अभियान के तहत बच्चों की उंचाई, किशोर लड़कियों और गर्भवती माताओं का वजन चेकअप होगा। गर्भवती माताओं व स्तनपान कराने वाली माताओं को विशेष स्वास्थ्य सलाह देने के लिए महिला संगोष्ठी होगी। स्वच्छता, स्वस्थ आदतें, पोषण और स्वच्छता प्रचार गतिविधियों के महत्व के बारे में जानकारी दी जाएगी। आंगनबाड़ी वर्कर्स द्वारा शिशु देखभाल और परिवार नियोजन के बारे में जागरूक किया जाएगा। बच्चों में अल्प पोषण, कम वजनी बच्चों के जन्म तथा किशोरी बालिकाओं, गर्भवती महिलाओं, स्तनपान कराने वाली माताओं तथा बच्चों में रक्त की कमी को दूर करना मुख्य रूप से शामिल रहेगा। स्वच्छता और पौष्टिक आहार के प्रति लोगों को जागरूक किया जाएगा।
प्रथम सप्ताह में आंगनबाड़ी केंद्रों, विद्यालयों, पंचायतों एवं अन्य सार्वजनिक भूमि आदि में उपलब्ध स्थानों पर पोषण वाटिका के रूप में पौधरोपण किया जाएगा। दूसरे सप्ताह में गर्भवती महिलाओं, बच्चों और किशोरियों जैसे विभिन्न समूहों के लिए आयुष और योग कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। तीसरे सप्ताह में आईईसी सामग्री के साथ आंगनबाड़ी लाभार्थियों को पोषण किट वितरित की जाएंगी। इसी प्रकार चौथे सप्ताह में एसएएम बच्चों की पहचान करने से पहले आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, आशा और एएनएम द्वारा बच्चों में 5 वर्ष तक की आयु तक के लिए लंबाई/ऊंचाई और वजन मापन अभियान के लिए घर-घर जाकर सर्वेक्षण किया जाएगा।

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