आजादी के ७४ साल बाद भी बंधुगांव प्रखंड के चार गांव की ग्रामीणो ने निम्नतम मौलिक सुविधाओं से वंचित हैं।

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बंधुगांव; -ओडिशा राज्य कोरापुट जिले के बंधुगांव प्रखंड की चार गांव का स्थिति बहुत मुश्किल है।आजादी की ७४ साल बाद भी उस गांव की ग्रामीणो निम्नतम मौलिक अधिकार से वंचित है।प्रखंड के कुम्भुगण्डा पंचायत की सिंगाझला,टांकु,जाडवा ओर तुरुकु आदि चार गांव पहाड़ी पर हैं।सिंगाझला में २५घर,टांकु में ३७घर,तुरुकु में ३६घर,जाडवा मे सर्वाधिक ५८घर आदिवसी परिवार रह रहे है।ओर उस चार गांव पंचायत मुख्यालय से केवल ५किमी दूरी पर हैं।जाडवा का बाद वाकि तिन गांव में पाठशाला और विजली है।लेकिन पीने के लिए पानी का समस्या है।हर गांव में केवल एक एक नलकूप है परंन्तु उसे ठीक से पानी निकालता नहीं।जाडवा गांव मे आज तक कोई सुविधा पंहुचा नहीं।इस गांव का ग्रामीणो ने पीने कि पानी के लिए गड्डा पर निर्भर कर रहे है।गांव कि वच्चे के लिए पाठशाला नहीं है।आज से छह साल पहले ओडिशा सरकार के शिक्षा विभाग द्वारा एक स्कूल का निर्माण शुरू किए गए थे।लेकिन वह अभी तक पूरा नहीं हुआ है। इसके अलावा,चारो गांव का ओर एक सबसे बड़
समस्या है।चारो गांवों के लिए अभी तक कोई पक्का सड़क नहीं किया गया है।गाँव से बाहर जाने के लिए खरस्रोता नदी को उलझे कर जाना पडता है।बरसात का मौसम मे स्थिती गंभीर हो जाता है।इसलिए बारिश की मौसम पर जलबन्दी होकर रह रहे है।ओडिशा सरकार और जिला प्रशासन की इस ग्रामीणो के लिए कोइ निघाए नहीं है जबकि ये गाँव ओडिशा राज्य की सीमा पर हैं,सड़क के लिए पड़ोसी आंध्रप्रदेश पर निर्भर रहना पड़ता है।बरसात के मौसम में, पहाड़ी नदी का उच्च ज्वार एक बड़ा खतरा बन जाता है।गाँव के ग्रामीणो नागेश कंडागिरी,वार मांडिंग,चिनाबाबू काड्राका,तिमाना काड्राका,सिंगरू काड्राका,सीमा कलेका,सीतामा कलेका प्रमुख ने कहा एक पक्की सड़क के लिए जिला प्रशासन को लिखित रूप में सूचित किया गया था।लेकिन दो साल बीत गया कोई कार्रवाई नहीं की गई।ग्रामीणो ने कहा जब राज्य सरकार और जिला प्रशासन गांव के लिए सुविधा नहीं कर रही है इसलिए ओडिशा छोड़कर आंध्रप्रदेश में शामिल होना बेहतर है।ओडिशा का इस प्रकार अवहेलन पर जैसे कोटिआ आंध्रप्रदेश मे सामिल हो रहा है उसी प्रकार ये चारो गांव को जलसे जल जब मौलिक अधिकार नहीं मिलेगी तब उन्होंने आंध्र मे सामिल होने के लिए टांकु गांव के वार्डसदस्य पांडु काड्राका,तुरुकु गांव के वार्डसदस्य सिंतेल मांडिंगा,जाडवा गांव के वार्डसदस्य साणा काड्राका और सिंघाझोला गांव के वार्डसदस्य जगाराव काड्राका ने बड़ी चेतावनी दी।इस संगीन मुद्दे पर बुद्धिमानो ने वोला राज्य सरकार की इसी अवहेलन के जैसे कोटिआ आंध्र मे सामिल हो रहा है उसि प्रकार ये चारो गांव को ओडिशा मे सामिल रहने के लिए सरकार तुरंत ग्रामीणो की विकास करना चाहिए।