आमला

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108 का कर्मचारी अगर ड्यूटी पर जाए तो गांव न आए – ग्राम पंचायत लिखडी
आमला, जनता कर्फ्यू के दिन मोदी जी के आव्हान पर शाम 5 बजे 5 मिनट ताली, थाली ओर घण्टी बजा कर स्वास्थ्यकर्मी, सुरक्षाकर्मियों आदि का सम्मान किया गया वहीं 9 अप्रैल 2020 को एक अजीबोगरीब प्रमाणीकरण आमला ब्लाक के लिखडी ग्राम पंचायत के सरपंच सचिव के हस्ताक्षर से जारी किया गया जिसें साफ साफ कहा गया है कि –
            “प्रमाणित किया जाता है अजय कुमार विश्वकर्मा ग्राम पंचायत लिखडी का स्थायी निवासी है जो कि 108 आपातकालीन सेवा की गाड़ी चलाते है। अतः हम पंचगण यह तस्दीक करते है कि अजय कुमार विश्वकर्मा अपनी ड्यूटी पर जाते है , इस वजह से ग्रामवासी को संक्रमण होने की संभावना है। इस कारण से अजय कुमार विश्वकर्मा अगर ड्यूटी पर जाना चाहते है तो जब तक कोरोना संक्रमित बीमारी की रोकथाम न ही तब तक गांव में न आये और यदि नही जाना चाहते है तो गांव पर ही रहे। यह सभी ग्रामवासी एवम सरपँच सचिव का निर्णय लिया गया है।”
         यह जानना आवश्यक है कि अजय आमला के साथ साथ मुलताई ओर पट्टन में भी शिफ्ट ड्यूटी करता है, अभी दो दिन पहले ही मुलताई में अजय ड्यूटी पर तैनात था।
         यहां ये बात ठीक है कि ग्रामवासियों की कोरोना वायरस के  संक्रमण से बचाव जरूरी है लेकिन एक अपने ही गांव के कर्मचारी को ड्यूटी पर जाने के बाद वापस न आने का निर्णय लेना कितना सही है नही कहा जा सकता, दूसरी तरफ यदि वह गांव में ही रहेगा तो उसका घर कैसे चलेगा उसकी रोजी रोटी कैसे उसे मिलेगी इस बारे में पंचायत का एकतरफा फरमान उचित नही कहा जा सकता।
         यदि इसी तरह होते रहा तो तमाम स्वास्थ्यकर्मी, सुरक्षाकर्मी, सफाईकर्मी ओर मीडियाकर्मी का काम करना मुश्किल हो जाएगा और इनका भी बहिष्कार बढ़ जाएगा, जिससे इन सभी का आत्मबल टूट सकता है और ये लोग अपना काम बंद कर सकते है ऐसे में गंभीर संकट पैदा होने की संभावना अधिक है अतः शासन ने समय रहते ऐसे निर्णयों पर संज्ञान लेकर उचित कार्यवाही करते हुए स्वास्थ्यकर्मियों, सुरक्षाकर्मियों, सफाईकर्मियों ओर मीडियाकर्मियों के किए भी उचित व्यवस्था करनी चाहिए।

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