उड़ीसा ⁄ भुवनेश्वर Odisha: ओडिशा पुलिस में अब किन्नरों को भी मौका

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भुवनेश्वर। ओडिशा पुलिस विभाग में अब किन्नरों की भी नियुक्ति होगी। इंस्पेक्टर के 477 पद के लिए राज्य सरकार की तरफ से शनिवार को सूचना प्रकाशित की गई है। 22 जून से 15 जुलाई तक आवेदन करने का मौका दिया गया है। 477 इंस्पेक्टर के अलावा 244 सिपाही पद के लिए भी राज्य सरकार की तरफ से सूचना प्रकाशित की गई है। इसमें भी किन्नरों के लिए अवसर है। राज्य सरकार के इस निर्णय का किन्नर संघ ने स्वागत किया है। ओडिशा किन्नर संघ ने मुख्यमंत्री नवीन पटनायक के प्रति आभार प्रकट किया है। किन्नरों की नेता मीरा परिडा ने कहा कि इससे किन्नरों के प्रति लोगों का सम्मान बढ़ेगा। उन्हें समाज की मुख्यधारा में शामिल होने का अवसर मिलेगा। मुख्यमंत्री नवीन पटनायक सदैव हर वर्ग के लोगों के हित के लिए कार्य कर रहे हैं। सरकार के इस निर्णय से किन्नरों में खुशी है। उन्होंने किन्नरों से तुरंत आवेदन करने की अपील की है।
गौरतलब है कि देश में सड़क से लेकर सर्वोच्च न्यायालय तक जंग के बाद अपनी पहचान पाने वाली किन्नर (ट्रांसजेंडर) को मुख्यधारा में लाने के लिए ओडिशा सरकार ने पहल शुरू की थी। इसके तहत राज्य सरकार ने किन्नरों के लिए विशेष शौचालय निर्माण की शुरुआत की थी। वाणी विहार लॉ कालेज के निकट भुवनेश्वर में किन्नरों के लिए नि:शुल्क शौचालय का लोकार्पण किया गया। इस अवसर पर पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री अशोक पंडा, मेयर अनंत नारायण जेना, डिप्टी मेयर के शांति, विधायक प्रियदर्शी मिश्र, क्षेत्रीय पार्षद लिटटू महासुपकार, बीजद छात्र संघ के अध्यक्ष चिनू साहू, महामंडलेश्वर किन्नर अखाड़ा, ओडिशा मीरा परिड़ा समेत किन्नर माधुरी, मेघना साहू, रानी, सोनम आदि मौजूद रहीं।
इस मौके पर ओडिशा किन्नर अखाड़ा की महामंडलेश्वर मीरा परीड़ा ने कहा कि सरकार की इस पहल से किन्नरों के बीच खुशी का माहौल है। बहुत अच्छा हुआ जो हमारे लिए अलग से शौचालय खुला। इसका श्रेय मुख्यमंत्री नवीन पटनायक को जाता है कि यह उपेक्षित समाज ओडिशा में मुख्य धारा में जुड़ रहा है। इस शौचालय का इस्तेमाल बगैर संकोच के किया जा सकेगा। उन्होंने कहा कि जिन क्षेत्रों में किन्नर ज्यादा हैं तो वहां अलग से शौचालय खोला जाना चाहिए। मीरा ने कहा कि हम लोग अक्सर असमंजस में पड़ जाते हैं कि महिला शौचालय का इस्तेमाल करें या पुरुष। पुरुष शौचालय में हमें बुरी निगाहों से देखा जाता है, तो वहीं महिला शौचालय में हमें अपमान का सामना करना पड़ता है। उनका कहना है कि हमारे समाज के लिए शासन सोच रहा है यह खुशी की बात है। अलग से शौचालय की व्यवस्था की गई है यह सरकार का छोटा ही सही, अच्छा कदम है।

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