उत्तराखंड राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद ने भरी हुंकार ,सरकार की नियमावली में बदलाव के लिए मुख्य सचिव को सौपा ज्ञापन :

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आज दिनांक 18 आठ 2020 को राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के प्रदेश कार्यकारी महामंत्री श्री अरुण पांडे, श्री शक्ति  प्रसाद भट्ट, ठाकुर पहलाद सिंह चौधरी, ओमवीर सिंह आदि कर्मचारियों द्वारा आज दिनांक को अपनी 11 सूत्रीय मांगों को  लेकर  मुख्य सचिव  से सचिवालय में मुलाकात की, राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद द्वारा राज्य कर्मचारियों को उनके कार्यकाल में 3 पदोन्नति लाभ ना मिल पाने  और स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर नए अस्पतालों को राज्य कर्मचारियों के  कैशलेस पैनल में शामिल करने और सेवा निर्मित कर्मचारियों को हेल्थ स्मार्ट कार्ड में की जा रही कटौती में 50% की  कटौती की मांग की गई, साथ ही  परिषद द्वारा बताया गया कि  इस सुविधा का लाभ आयुष्मान  योजना के अंतर्गत  पंजीकृत कर्मचारियों को इसका लाभ प्राप्त होगा, जिन कर्मचारियों  का पंजीकृत आयुष्मान योजना के अंतर्गत नहीं होगा वह इस सुविधा कल  लाभ नहीं ले पाएगा ,साथ ही विभागों को पदोन्नति में हुई देरी के लिए नई नियमावली अभिलंब बनाने का प्रस्ताव साथ ही प्रत्येक माह को डीपीसी को अनिवार्य करना। अरुण पांडे द्वारा स्थानांतरण अधिनियम में महिलाओं को 50 वर्ष और पुरुषों को को 52 वर्ष दुर्गम क्षेत्र में अब स्थानांतरण पर छूट देने की मांग की गई महामंत्री द्वारा विभिन्न विभागों में कार्यरत उपनल, संविदा वेतन भोगियों को नियमितीकरण की कार्यवाही की जाने को लेकर मांग की गई साथ ही राज्य सरकार द्वारा द्वारा जिन कर्मियों को वाहन भत्ता नहीं दिया जा रहा है उनको वाहन भत्ता देने के संबंध में कड़े दिशा-निर्देश देने की भी मांग की गई साथ ही अरुण पांडे द्वारा पुरानी पेंशन व्यवस्था को लागू करने  तथा राज्य सरकार द्वारा राज्य कर्मचारियों के वेतन में 1 दिन की कटौती को वापस लेने की भी मांग की गई। अरुण पांडे द्वारा मुख्य सचिव को इस विषय को गंभीरता से लेते हुए और लंबित समस्याओं के निवारण हेतु समय देने के लिए मुख्य सचिव को धन्यवाद  ज्ञापित  किया। वार्ता के दौरान मुख्य सचिव द्वारा शासन  के  संबंधित विभागों से तत्काल आख्या प्राप्त कर कार्यवाही करने के निर्देश दिए। श्री पांडे जी की अगुवाई में राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद वर्तमान मुख्य सचिव से वार्ता करने वाला पहला कर्मचारी संगठन है।(UNA)