उत्तराखंड

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उत्तराखंड की राज्यधानी देहरादून में डौंर-थकुली रैली निकाल किया अध्यादेश और जनविरोधी नीतियों का विरोध :-
उत्तराखंड सरकार के अध्यादेश लाने संबंधी निर्णय को बताया माननीय नैनीताल हाईकोर्ट के आदेश की अवहेलना और अपमान जबरदस्त धक्का-मुक्की और पुलिस बैरिकेड तोड़ निकाली डौंर-थकुली रैली देहरादून 24 अगस्त 2019 गैरसैण राजधानी निर्माण अभियान संगठन ने आज परेड ग्राउंड स्थित धरना स्थल से गांधी प्रतिमा तक डौंर-थकुली रैलीआयोजित की रैली में बड़ी संख्या में सामाजिक संगठनों व हिमालय सरोकारों के लिए क्रियाशील लोगों ने भागीदारी की डौंर-थकुली रैली का प्रयोजन प्रदेश सरकार के उस आदेश के खिलाफ आवाज को बुलंद करना था जिसके द्वारा उत्तराखंड सरकार पूर्व मंत्रियों से बकाया वसूली पर स्पष्ट आदेश पारित किया हुआ है और इस विषय पर अन्य राज्यों  प्रदेश आदि को लेकर माननीय सुप्रीम कोर्ट तक ने पूर्व मुख्यमंत्रियों के बकाया वसूली और सुविधाओं पर स्पष्ट निर्णय दिए हुए हैं गैरसैंण राजधानी निर्माण अभियान संगठन द्वारा आहूत की डौंर-थकुली रैली के द्वारा सरकार द्वारा इस प्रकार के शासनादेश लाने की मनोवृति को एक घटिया राजनीतिक मनोवृति का दर्जा दिया गया है इसे देश के लोकतंत्र में दीमक समान वित्तीय अनुशासन हीनता का बड़ा उदाहरण कहा गया है डौंर-थकुली रैली के द्वारा यह संदेश देने का प्रयास किया गया कि जिस प्रकार से अक्सर अच्छे से अच्छे कोर्ट आदेश को ठेंगा दिखाया जा रहा है, वह जनता की गाढ़ी कमाई के टैक्स को मनमाफिक तरीके से लूट मात्र है जिसके लिए सामाजिक जन-जागरण विकसित किया जाना नितांत आवश्यक हो चला है जनता को यह बताना आवश्यक हो गया है कि प्रादेशिक सरकार गलत लोकतांत्रिक नजीर पेश कर रही है| प्रदेश में वित्तीय अनुशासन विकसित करने में ऐसे निर्णय बड़ी बाधाएं बनेंगे सरकार द्वारा लाए गए इस प्रकार के निर्णय को जिनसे जनता के धन के दुरुपयोग निरंतर जारी रहता है रोका जाए डौंर-थकुली रैली गैरसैंण राजधानी निर्माण संगठन के आह्वान पर निकाली गई ताकि जनता के हितों के खिलाफ हो रहे निर्णय व राजकोष के दुरुपयोग पर सभी जन संगठन जनता के बीच उतरकर अपना मौन तोड़े जिससे की व्यवस्था सुधारीकरण और राज्य अवधारणा के अनुरूप राज्य सपना मात्र न रह जाए| इसके अतिरिक्त अन्य सवालों को लेकर एक जन हस्ताक्षर अभियान भी शुरू किया गया है डौंर-थकुली रैली के साथ प्रारंभ हस्ताक्षर अभियान में अध्यादेश के अतिरिक्त के पदों में बाहरी अभ्यर्थियों से आवेदन मांगने, सरकारी भर्ती में धांधली के तहत परीक्षा केंद्रों को प्रदेश से बाहर रखने, पंच प्रयाग में शराब की भट्टियां स्थापित करने, बुग्यालों वालों में टनों का कचरा व मल-मूत्र त्यागने वाली पर्यटन नीति को चलाने, भूमाफिया एवं दलालों के हित में समूचे उत्तराखंड में भूमि खरीद को छूट देने की नीति, ऑल वेदर रोड में बड़े पैमाने पर पर्यावरण पारिस्थितिकी का हो रहा क्षरण व निर्माण द्वारा हो रहे खनन में बेतहाशा धांधली, स्थाई राजधानी की मांग करने वाले आंदोलनकारियों पर फर्जी मुकदमे लगाने, प्रदेश में वर्तमान में चल रही आधी अधूरी और बदहाल 108 सेवा संचालन, यूसैक समेत 108 सेवा में लगे कर्मियों को बेरोजगारी के अंधकार में धकेलने व प्राकृतिक आपदा व हादसों में मारे गए नागरिकों को एक समान मुआवजा न देने आदि पर भी विरोध जताया गया है डौंर-थकुली रैली के माध्यम से इस बात पर जोर दिया गया है कि सरकार बार-बार बजट का रोना बंद करें व आवश्यक वित्तीय अनुशासन विकसित करें| सरकार स्वयं मितव्यता की नीति अपनाए और अपने खर्चों में कमी करना सीखें| जनता के बजाए सरकार कुछ खास रसूखदारों के लिए बैटिंग करना बंद करें डौंर-थकुली रैली के माध्यम से यह भी मांग की गई है कि सरकार यह भी सुनिश्चित करें ‘समूह ग’ के सभी पदों पर केवल प्रदेश की ही नागरिकों की ही नियुक्तियां हो और हाल ही में लिपिक पद पर बाहरी प्रदेशों से हो रही भर्तियों को रोकने हेतु कदम उठाए| साथ में प्रदेश के सत्ताधारी उत्तराखंड में राजकीय संयोजन के लिए बंगालियों को आरक्षण देने की सोच व वकालत करना बंद करें| उत्तराखंड में संयोजन के लिए सरकार प्रदेश से बाहर परीक्षा केंद्रों व जांच केंद्रों की नीति पर पुनर्विचार करें| क्योंकि इससे जनता में धारणा बनने लगी है कि ऐसी नियुक्ति प्रणाली से धांधली हो रही हैं व प्रदेश के युवाओं का अहित हो रहा है ; और उनके रोजगार को बेहद चालाकी से लूटा जा रहा है| प्रदेश सेवाओं में रोजगार पर लगे युवाओं को बेरोजगारी के अंधकार में धकेलने की नीति पर चलना बंद हो और जिन युवाओं के रोजगार छीन लिए गए हैं उन्हें उनकी सेवाओं को मैं वापस लिया जाए अथवा बिना विलंब किए अन्यत्र समायोजित किया जाए| साथ ही 108 जैसे अति महत्वपूर्ण चिकित्सा सेवाओं में सरकार भाई भतीजावाद का खेल खेलना बंद करे और संपूर्ण प्रदेश में इन सेवाओं को सुचारू रूप से संचालित किया जाए| आधी अधूरी 108 सेवा पर अंकुश लगे डौंर-थकुली रैली के माध्यम से सरकार से देव भूमि की विशेषता (यूएसपी) को समझने का अनुरोध भी किया गया है ताकि प्रदेश सरकार की पर्यटन नीति उसी अनुरूप विकसित हों| जैसे कि उत्तराखंड के रमणीक बुग्याल जिनके बारे में धारणा रहती है कि वहां विचरण करने देवलोक से आचरियां आती हैं, वहां पर टनों कचरा व मल-मूत्र त्यागने वाली पर्यटन नीति को सरकार देना बंद करें| इसीवप्रकार पवित्र पंच प्रयाग में शराब की भट्टी खुलने की नीति पर अंकुश लगे डौंर-थकुली रैली के माध्यम से कहा गया कि उत्तराखंड राज्य आंदोलन की अवधारणा के अनुरूप राज्य व्यवस्था निर्मित हो और राजधानी को गैरसैंण  विधानसभा से प्रदेश संचालन करना शुरू करें डौंर-थकुली रैली आयोजकों ने बताया कि पहाड़ों में देवता और भूत दोनों को ही पूजने के नियमन हैं| भूत को भूत योनि से मुक्त करने की पूजा संचालित की जाती है डौंर-थकुली बजाकर भी भूत भगाए जाते हैं| इसी को दृष्टिगत गैरसैंण राजधानी संगठन ने डौंर-थकुली रैली का आयोजन कर सरकार की सोच में बैठ गए भूत को भगाने के लिए इस रैली का आयोजन किया है| आज आयोजित रैली को गैरसैंण राजधानी निर्माण अभियान संगठन ने बेहद सफल बताया है और कहा है कि डौंर-थकुली रैलियां पूरे उत्तराखंड में लगातार आयोजित की जाएंगी ताकि प्रदेश के सवालों पर कोताही बरतने की हिमाकत कोई भी सरकार ना कर सके डौंर-थकुली रैली के अवसर पर आज विभिन्न आंदोलनकारी संगठनों के द्वारा रैली से पूर्व उत्तराखंड आंदोलन के जंगी और दौड़ तली बजा कर उत्तराखंड की संस्कृति की अमिट छाप छोड़ी लगभग 12:30 बजे डौंर-थकुली धरना स्थल से इंद्रमणि बडोनी जी की प्रतिमा के लिए कुछ कर गई धरना किस कल के गेट पर पुलिस ने बैरिकेड लगाकर गैरसैण अभियान कर्मियों को रोकने की कोशिश की जिससे सभी अभियान कर्मी आक्रोशित हो गए जबरदस्त धक्का-मुक्की कर आंदोलनकारियों ने पुलिस के द्वारा लगाए गए बैरिकेड को तोड़ दिया और जोरदार नारेबाजी करते हुए कनक चौक गांधी पार्क होते हुए इंद्रमणि बडोनी की प्रतिमा पर पहुंच गए जहां पर पहुंचकर आंदोलनकारी जबरदस्त नारेबाजी करते रहे डौंर-थकुली रैली के माध्यम से यहां पहुंचे आंदोलनकारियों ने गैरसैंण राजधानी संकल्प को पुन: दोहराया डौंर-थकुली रैली के उपरांत *गैरसैंण राजधानी निर्माण अभियान* ने धरना स्थल पर पहुंचकर एक सूक्ष्म बैठक कर आज की डौंर-थकुली रेली को रोकने के प्रयासों के लिए सरकार की कडी भर्त्सना की और आरोप लगाया कि सरकार चोरी छिपे किए जा रहे कृतेयों को छुपाने के लिए तानाशाहीपूर्ण रवैया अपना रही है| अभियान का कहना है कि न हम डरेंगे, न झुकेंगे और जन मुद्दों के लिए लड़ते रहेंगे|
      गैरसैंण राजधानी निर्माण अभियान संगठन द्वारा आहूत आज की रैली में उत्तराखंड पूर्व सैनिक अर्द्द सैनिक संयुक्त, संगठन,  उत्तराखंड महिला मंच, उत्तराखंड बेरोजगार संघ, हमारा उत्तरजन मंच (हम), युवा आह्वान,आरटीआई लोकसेवा, उत्तराखंड आंदोलनकारी मंच, उत्तराखंड चिन्हित राज्य आंदोलनकारी समिति, उत्तराखंड राज्य निर्माण सेनानी संघ, उत्तराखंड नवनिर्माण सेना, 108 कर्मचारी संगठन, यूसैक निष्कासित कर्मचारी संगठन, उत्तराखंड सचिवालय संघ, उत्तराखंड विकलांग संघ आदि बड़ी संख्या में सामाजिक संगठनों व हिमालय सरोकारों के लिए क्रियाशील समूह सम्मिलित हुए डौंर-थकुली रैली में शामिल होने वालों में रघुवीर बिष्ट, लक्ष्मी प्रसाद थपलियाल, मनोज ध्यानी, विकास सेमवाल, रविंद्र प्रधान, बृज मोहन नेगी, पूर्व आईएएस श्री सुरेंद्र सिंह पांगति, कैप्टन दिगंबर बलूनी, प्रभा नैथानी, सुलोचना भट्ट, बिंदु जोशी, ऊषा भट्ट,  निर्मला बिष्ट, बीना सकलानी, लक्ष्मी बिष्ट, राजेश्वरी डोबरियाल, लोक बहादुर थापा, मदन सिंह भंडारी, सुशील कुमार त्यागी, रणवीर चौधरी, सुरेंद्र बिष्ट, जबर सिंह पावेल, जयकृत कंडवाल, सुमन नेगी, ललित चंद्र जोशी, बी़पी ममगाई, कमल कांत, सुशील कैंथुरा, जगमोहन नेगी, भोपाल सिंह चौधरी, समीर मुंडेपी, मनोज दास, अजमेर सिंह, पीसी थपलियाल, प्रदीप कुकरेती, जितेन्द्र भारती, ज्योत्सना असवाल, हरिकिशन घिल्डियाल, सुरेन्द्र सिंह रावत, हर्ष मैंदोली, सु.मे. सुरेन्द्र नौटियाल, विजय नैथानी, बिंदू जोशी, मेजर आर सी बलूनी, राजेश चमोली, प्रेम बहुखंडी, दीपक चमोली, प्रदीप कुकरेती, एड. राजगीता शर्मा आदि सैकड़ों लोगों ने अपनी भागीदारी की है ।