उत्तर प्रदेश की 17 अनुसूचित जातियों के महासंघ ने किया दिल्ली में विशाल प्रदर्शन

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11 दिसम्बर 2019,दिल्ली ब्यूरो.

राज्य सभा सांसद विशम्भर प्रसाद के नेतृत्व में और पूर्व सांसद शंखलाल मांझी की मुख्य आतिथ्य में उत्तर प्रदेश की 17 उपजातियों के महासंघ ने आज दिल्ली के जंतर-मंतर पर विशाल प्रदर्शन किया. कश्यप, निषाद, मांझी, प्रजापति, राजभर महासंघ के तहत 17 उपजातियों जिसमें कहार, केवट, मल्लाह, निषाद, कुम्हार, प्रजापति, धीवर, बाँध, भर, राजभर, धीमर, बाथम, तुरहा, गोदिया, मांझी तथा मछुआ का अनुसूचित जाति का आरक्षण ख़त्म किये जाने व जातिवार जनागादना न कराये जाने के विरोध में यह सभा की गयी. उक्त जातियों का जाती प्रमाण पात्र बनाने की प्रक्रिया को उत्तर प्रदेश की सरकार ने रोक दिया है और नेताओं ने आरोप लगाया कि उत्तर प्रदेश की अनुसूचित जातियों की सूची में जो 1950 में जारी किया गया था, उसमे उपरोक्त जातियां अनुसूचित जाती के तहत ही आती हैं. 

मुख्य अतिथि संख्लाल मांझी ने UNA को बताया कि 17 जातियों के लोगों को अनुसूचित जाति के दर्जे से हटाकर करोड़ों लोगों के भविष्य से खिलवाड़ किया जा रहा है और हमारे बच्चों को किसी भी तरह से आरक्षण के लाभ से वंचित रखा जा रहा है. श्री मांझी ने बताया कि हमलोग ना केवल उत्तर प्रदेश में बल्कि दिल्ली में भी केंद्र के स्तर पर लड़ाई जारी रखे हुए हैं. उन्होंने वर्त्तमान उत्तर प्रदेश की योगी सरकार पर आरोप लगाया कि इस सरकार का पूरा का पूरा रुख दलित विरोधी, पिछड़ा वर्ग विरोधी है और हमारे समाज के हक़ अधिकार को ख़त्म करना चाहती है. 

सभा को वयोवृद्ध नेता लालता प्रसाद निषाद जो पूर्व मंत्री भी रह चुके हैं ने पूरी गर्मजोशी से इस आन्दोलन को बढाने के लिए जनता का आह्वान किया.