उत्तर प्रदेश के परिषदीय स्कूलों में भी अब सर्दियों की छुट्टियां होंगी इसके लिए गर्मी की छुट्टियों में 20 दिन की कटौती की जाएगी, वर्ष में कम से कम 240 दिन स्कूल संचालित किए जाएंगे

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उत्तर प्रदेश के परिषदीय स्कूलों में भी अब सर्दियों की छुट्टियां होंगी। इसके लिए गर्मी  की छुट्टियों में 20 दिन की कटौती की जाएगी। वर्ष में कम से कम 240 दिन स्कूल संचालित किए जाएंगे। शिक्षकों को विद्यालय अवधि के दौरान किसी हाउस होल्ड सर्वे में नहीं तैनात किया जा सकेगा। विद्यार्थियों से किसी प्रकार का भेदभाव करने पर शिक्षकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। बेसिक शिक्षा विभाग की अपर मुख्य सचिव रेणुका कुमार ने इसका शासनादेश जारी कर दिया है। परिषदीय स्कूलों में अभी तक शीतकालीन  अवकाश की व्यवस्था नहीं थी। अब 31 दिसंबर से 14 जनवरी तक 15 दिन का शीतकालीन अवकाश रहेगा। अभी तक 15 मई से 30 जून तक ग्रीष्मावकाश रहता था, लेकिन अगले वर्ष से 20 मई से 15 जून तक ही गर्मियों की छुट्टी होगी। ग्रीष्मावकाश के बाद सत्र 16 जून से शुरू होगा। प्रत्येक पीरियड 40 मिनट का होगा। एक अप्रैल से 30 सितंबर तक सुबह 8 से दोपहर 2 बजे तक स्कूल संचालित होंगे। एक अक्तूबर से 31 मार्च तक सुबह 9 बजे से दोपहर 3 बजे तक स्कूल चलेगा। शिक्षकों को स्कूल खुलने से 15 मिनट पहले पहुंचना होगा और छुट्टी होने के आधा घंटे बाद तक स्कूल में रहना होगा। स्कूलों की निगरानी और हर कार्य की समीक्षा के लिए अलग डायरी रखी जाएगी। शिक्षकों की समस्याएं टोल फ्री नंबर 180041190102 पर दर्ज की जाएंगी। हर दो हफ्ते में बच्चों का होगा टेस्ट बच्चों को प्रतिदिन कक्षावार और विषयवार गृहकार्य दिया जाएगा। शिक्षक अगले दिन गृहकार्य का मूल्यांकन करेंगे। बच्चों का हर दो हफ्ते में यूनिट असेसमेंट टेस्ट लिया जाएगा। बच्चों और विद्यालय का ऑनलाइन रिपोर्ट कार्ड जारी किया जाएगा। अध्यापन में टीचिंग लर्निंग मैटेरियल किट का उपयोग किया जाएगा।
फर्जी शिक्षक के लिए बीईओ और प्रधानाध्यापक होंगे जिम्मेदार- किसी भी स्कूल में प्रॉक्सी टीचर मिलने, फर्जी शिक्षक कार्यरत रहने या किसी शिक्षक के बिना बताए लंबे समय तक अनुपस्थित रहने के बावजूद उसके खिलाफ कार्रवाई नहीं होने पर संबंधित प्रधानाध्यापक और खंड शिक्षा अधिकारी की जवाबदेही तय की जाएगी। शिक्षक का निलंबन करने पर उसके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई एक महीने के अंदर पूरी करनी होगी। ऐसा नहीं करने पर खंड शिक्षा अधिकारी और बीएसए की जवाबदेही तय की जाएगी। जिला प्रशासन, बीएसए और खंड शिक्षा अधिकारी अपने स्तर पर किसी भी तरह की परीक्षा का आयोजन नहीं करा सकेंगे।
नेतागीरी पर लगेगी लगाम- विद्यालय की अवधि में शिक्षक किसी राजनीतिक या अन्य गतिविधि में शामिल नहीं हो सकेंगे। अति आवश्यक होने पर पहले सक्षम स्तर से अनुमति लेनी होगी। विद्यालय अवधि में रैली, प्रभातफेरी, मानव शृंखला, नवाचार, गोष्ठी का आयोजन नहीं किया जाएगा। शिक्षक स्कूल की अवधि में अपने अवकाश स्वीकृत कराने या अन्य किसी कार्य से खंड शिक्षा अधिकारी या बीएसए दफ्तर भी नहीं जा सकेंगे।
हर महीने प्रधानाध्यापकों की बैठक- हर महीने के चौथे शनिवार को विकास खंड स्तर पर प्रधानाध्यापकों की बैठक होगी। इसमें मिशन प्रेरणा, कायाकल्प, मिड डे मील योजना, निशुल्क पाठ्यपुस्तक वितरण और यूनिफॉर्म वितरण की समीक्षा की जाएगी। सप्ताह में एक बार प्रधानाध्यापक की अध्यक्षता में शिक्षकों की बैठक भी होगी। शिक्षकों के सभी प्रकार के प्रशिक्षण ऑनलाइन ही किए जाएंगे।
पढ़ाई की गुणवत्ता में सुधार के लिए दस सूत्री कार्यक्रम तैयार- प्रदेश के परिषदीय स्कूलों में पढ़ाई का स्तर सुधारने के लिए बेसिक शिक्षा विभाग ने दस सूत्री कार्यक्रम तैयार किया है। इसमें शिक्षकों को सरलता से पढ़ाने और बच्चों में आसान तरीके से सीखने की क्षमता विकसित करने समेत अन्य कार्यक्रम शामिल किए गए हैं। एक से दो महीने में इसे सभी स्कूलों में लागू किया जाएगा।
बेसिक शिक्षा महानिदेशक विजय किरण आनंद ने बताया कि सभी स्कूलों को राज्य स्तर से शैक्षणिक सामग्री उपलब्ध कराई जाएगी। इसके लिए 200 से ज्यादा वीडियो भी तैयार कराए गए हैं। इनके जरिए शिक्षक क्लासरूम्स को जीवंत एवं रोचक बना सकेंगे। उन्होंने दावा किया है कि इससे परिषदीय स्कूलों की बदली हुई तस्वीर देखने को मिलेगी।
तैयार की जा रही रीडिंग बुक्स- उन्होंने बताया कि कक्षा 1-3 में भाषा एवं गणित पर जोर दिया जाएगा। शिक्षकों को गणित के लिए एनसीईआरटी द्वारा विकसित मैथ्स किट का प्रयोग कर पढ़ाने का प्रशिक्षण अक्तूबर में दिया जाएगा। अच्छी-अच्छी कहानियों और कविताओं को समाहित कर रीडिंग बुक्स भी तैयार की जा रही है।
पोस्टर्स, मैथ्स किट, टीचर लर्निंग मैटेरियल आदि के रूप में विकसित की गई रोचक शैक्षणिक सामग्री भी उपलब्ध कराई जाएगी। बच्चों के रियल टाइम लर्निंग आउटकम की मॉनिटरिंग के लिए प्रेरणा तालिका, प्रेरणा सूची, प्रेरणा लक्ष्य को कक्षा कक्ष की दीवालों पर चस्पा किया जाएगा। शिक्षकों की उपलब्धता के आधार पर एकरूप शैक्षिक पंचांग एवं साप्ताहिक समय सारिणी भी दी जाएगी। स्टूडेंट्स असेसमेंट टेस्ट 2 के रिपोर्ट कार्ड भी अगस्त में दिए जाएंगे। सभी स्कूलों में होंगे पुस्तकालय, सभी परिषदीय स्कूलों में पुस्तकालय विकसित किए जाएंगे। इनमें आगामी सप्ताह में एनसीईआरटी की ओर से उपलब्ध कराई जाने वाली पुस्तकें भी मुहैया कराई जाएंगी।(UNA)