ऊत्तराखण्ड राज्य में भेड़, बकरी एंव ऊन विकास हेतु ऊत्तराखण्ड भेड़ एंव ऊन विकास बोर्ड द्वारा उपलब्ध करायी जा रही सुविधाएं

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    उत्तराखण्ड राज्य सरकार ने ऊन हेतु के विकास के लिए ज्यादा से ज्यादा उपलब्ध कराए जा रहे है भेड़, बकरिया जिसे ऊन के उत्पादन में कोई घटी न हो जिसे राज्य का विकास रुकने न पाए राज्यधानी देहरादून के परेड ग्राउण्ड में ये मेले बड़े जोर – शोर से छाया हुआ है जिसे मेले में तरह – तरह के माध्यम लोगो के सामने प्रस्तुत किया जा रहा है ।
1- राष्ट्रीय कृषि विकास योजना :-
राज्य के सीमांत जनपदों पिथौरागढ़, बागेश्वर ,चमोली ,उत्तरकाशी एंव टिहरी में भेड़-बकरी पालको एंव अन्य पशुपालको को उनके द्वारा पर पशु चिकित्सा, टीकाकरण कृतिम गर्भाधान एंव प्रयोगशाला जाँच, मशीन द्वारा ऊन कतरन इत्यादि की सुविधाएं निर्धारित रूट्स के माध्यम से उपलब्ध कराई जा रही है ।
2- राज्य ऊन कतरन एंव विपणन योजना (राज्य सैक्टर) :-     भेड़ पालको के द्वार पर मशीन ऊन कतरन शिविरों का आयोजन किया जा रहा है उत्पादित कच्ची ऊन की प्रारम्भिक ग्रेडिंग एंव प्रयोग शाला जाँच कर भेड़ पालको को सरकार द्वारा निर्धारित ऊन का मूल्य उपलब्ध कराया जा रहा है क्रय की जा रही ऊन की धनराशि सीधे भेड़ पालको के खाते में भेजी जा रही है ।
3- अहिल्याबाई होलकर भेड़- बकरी विकास योजना :-     भेड़ बकरी पालको का ऑनलाइन पंजिकरण किया जा रहा है एंव विशेष पहचान पत्र जारी किए जा रहे है । उन्नति शील भेड़-बकरी इकाइयों की स्थापना प्रति इकाई 10 मादा और 1 नर के रूप में जनपदों में कई जा रही है विकास स्तर पर भेड़- बकरी पालको के सहायतार्थ चिकित्सा शिविर ,आधुनिक भेड़-बकरी पालन एंव गोष्ठियों का आयोजन किया जा रहा है ।
4- केन्द्रीय ऊन विकास बोर्ड ,वस्त्र मंत्रालय ,भारत सरकार :-  भारत सरकार द्वारा एकीकृत भेड़ एंव उन सुधार योजना (sheep and wool Improvement scheme-SWIS) के अंतर्गत राज्य के 08 भेड़ बाहुल्य जनपदों उत्तरकाशी, रूद्रप्रयाग ,चमोली ,टिहरी,देहरादून, पौढ़ी, पिथौरागढ़, एंव बागेश्वर में संचालित की जा रही है । योजना के अंतर्गत नशल सुधार हेतु राज्य में स्थापित 05 मेढ़ा पालन इकाई के माध्यम से भेड़ पालको की मांग पर उच्च वंशावली के मेढ़े वितरीत किये जाते है भेड़ो में स्वास्थ्य रक्षा कार्यक्रम के अंतर्गत दवापान, दवास्नान, टीकाकरण एंव चिकित्सा की सुविधा उपलब्ध करायी जा रही है ।
5- एकीकृत आजीविका सहयोग परियोजना योजना में :-    05 भेड़ बाहुल्य जनपदों उत्तरकाशी, टिहरी,चमोली,  पिथौरागढ़ एंव बागेश्वर में 06 भेड़- बकरी पैरावेट केंद्रों की स्थापना विकाश खंड भटवाड़ी ,पुरोला ,भिलंगना ,मुनस्यारी, एंव कपकोट में कई गयी है ।
6- महिला बकरी पालन योजनान्तर्गत राज्य में 3 मादा और 1 नर की इकाइयों का वितरण ( राज्य सैक्टर):-
योजनान्तर्गत प्राथमिकता परित्यक्ता महिला, विधवा महिला,निराश्रित महिला, अकेली रह रही महिलाओं एंव आपदा प्रभावित महिलाओ को लाभान्वित किया जा रहा है ।
7- नेशनल लाइवस्टॉक मिशन (NLM) की पशुधन बीमा योजना :-   इस योजना के अंतर्गत भेड़-बकरी पालको की भेड़ एंव बकरी की दुर्घटना से मृत्यु एंव अन्य अप्रत्याशी क्षति से बचाने हेतु पशुधन बीमा कराया जा रहा है ।
ऊत्तराखण्ड भेड़ एंव ऊन विकास बोर्ड पशुपालन विभाग ,ऊत्तराखण्ड ।

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