ऐसा करने से धृतराष्ट्र बने रक्षा मंत्रालय की आंख खुल जाएगी: वालिया

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बेतिया, 20 जनवरी। एक सैन्य जवान कष्ट में हैं। पीएम मोदी के राज में बड़े दुर्भाग्य की बात है रक्षा मंत्रालय इस पर कोई ध्यान नहीं दे रहा है। ऐसी स्थिति में उत्तराखंड के देहरादून में रहने वाले वैभव वालिया ने उक्त सैन्य जवान की सुधि लेकर हस्ताक्षर अभियान चलाना शुरू कर दिया है। ऐसा करने से धृतराष्ट्र बने रक्षा मंत्रालय की आंख खुल जाएगी।

हस्ताक्षर अभियान चलाने वाले का कहना कि उसका नाम वैभव वालिया है। वह कहता है कि मैं देहरादून में रहने वाले आज आपका ध्यान एक बहुत ही गंभीर मामले पर डालना चाहता हूं। वह कहता है कि उत्तराखंड के चमोली के निवासी गढ़वाल राइफल्स के सैन्य जवान राजेन्द्र सिंह नेगी कश्मीर के गुलमर्ग में बहुत दिनों से कार्यरत थे। गत 8 जनवरी 2020 को भारी बर्फ़बारी के बीच जब वो (राजेन्द्र सिंह नेगी )पैट्रोलिंग के लिए गए तो लौट कर वापस ही नही आए। ऐसा अंदेशा है कि वे बॉर्डर के करीब पेट्रोलिंग करते समय फिसल कर राजेन्द्र सिंह नेगी बॉर्डर पार पाकिस्तान चले गए।

वह कहता है बड़े दुर्भाग्य की बात है रक्षा मंत्रालय इस पर कोई ध्यान नहीं दे रहा है।इसके चलते उत्तराखंड चमोली निवासी महेंद्र सिंह नेगी की पत्नी और उनके तीन बच्चे अपने पिता की खोज निकालने में परेशान हो रहे हैं। लेकिन अभी तक सरकार ने इस ओर कोई कदम नही उठाया है । अगर समय रहते सरकार ने इस संबंध में पाकिस्तान के उच्च अधिकारियों से सम्पर्क नही किया तो कोई अप्रिय हादसा होने की संभावना है ।

वह कहते हैं कि आइये मिलकर हम अपने देश के वीर जवान राजेन्द्र सिंह नेगी को बचाने के लिये आवाज उठाएं और इस मुहिम में अपना योगदान देकर सरकार को जगाने का प्रयास करते है ताकि भारत माता के सपूत राजेन्द्र सिंह नेगी जी को बचाया जा सके। जब तक देश के बहादुर जवान महेंद्र सिंह नेगी की भारत वापसी के लिए ठोस कदम नहीं उठाए जाते तबतक आवाज बुलंद करते रहे।

शोभा पीटर