कम लिंगानुपात वाले गांवों पर करें विशेष फोकस, कारणों की भी करें जांच : उपायुक्त अनीश यादव

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– उपायुक्त ने जिला स्तरीय टास्क फोर्स कमेटी की बैठक ली, योजनाओं की भी समीक्षा की

सिरसा, 24 नवंबर।।( सतीश बांसल )
उपायुक्त अनीश यादव ने कहा कि जिन गांवों का लिंगानुपात कम है, उनमें स्वास्थ्य विभाग व महिला एवं बाल विकास विभाग उन गांवों पर विशेष तौर फोकस करें तथा कम लिंगानुपात के कारणों का जांच भी करें। इसके अलावा कहीं भी भ्रूण हत्या जैसी गतिविधियों की आशंका है तो उन पर कड़ा एक्शन लें। साथ ही इन गांवों में जागरूकता गतिविधियों का भी आयोजन किया जाए।
उपायुक्त बुधवार को स्थानीय लघु सचिवालय के सभागार में बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान के तहत जिला स्तरीय टास्क फोर्स कमेटी की बैठक को संबोधित कर रहे थे। बैठक में उपायुक्त ने पोषण अभियान, प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना, जिला बाल संरक्षण इकाई, बाल कल्याण समिति, स्कूल ड्राप आउट बच्चों, और वन स्टॉप सैंटर आदि की भी समीक्षा की। बैठक में सीएमजीजीए कुनाल चौहान, सिविल सर्जन डा. मुनीष बंसल, पीओ आईसीडीएम डा. दर्शना सिंह, जिला शिक्षा अधिकारी संत कुमार, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी आत्म प्रकाश, उप सिविल सर्जन डा. बुधराम, जिला बाल संरक्षण अधिकारी डा. गुरप्रीत कौर सहित सभी सीडीपीओ मौजूद थी।
उपायुक्त ने कहा कि अक्टूबर माह की रिपोर्ट के अनुसार जिला का लिंगानुपात 922 है। इसमें और सुधार के लिए कम लिंगानुपात वाले गांवों पर विशेष तौर पर ध्यान देने की आवश्यकता है। स्वास्थ्य विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग ऐसे गांवों में सुपरवाइजर, आशा वर्कर, आंगनवाड़ी वर्कर के माध्यम से पूरी ऊर्जा के साथ काम करें ताकि इनमें और सुधार हो सके।
उन्होंने जिला शिक्षा अधिकारी को निर्देश दिए कि जो बच्चियां स्कूल ड्राप आउट हो चुकी हैं, उनका पुन: स्कूलों में दाखिला करवाना सुनिश्चित करें। संबंधित स्कूल इंचार्ज स्कूल से बच्चों के ड्राप आउट होने के कारणों की जांच करें और अभिभावकों को बच्चों के पुन: एडमिशन के लिए प्रेरित करें। बैठक में उपायुक्त ने निर्देश दिए कि जिन विभागों में अभी तक सेक्सुअल हैरेसमेंट को लेकर कमेटी का गठन नहीं किया है वे जल्द से जल्द कमेटी बनाकर रिपोर्ट भिजवाएं। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विभाग से तालमेल करके विशेष कैंप लगाकर आंगनवाड़ी केंद्रों में बच्चों की स्वास्थ्य जांच करवाएं। इसके अलावा ई-संजीवनी एप के माध्यम से भी बच्चों का हेल्थ लेकर करवाया जा सकता हैं। उन्होंने कहा कि कोई भी बच्चा छुटना नहीं चाहिए और उनके वजन, हाइट, खानपान को लेकर लगातार मॉनेटरिंग की जाए।
पीओ आईएससी डा. दर्शना सिंह ने बैठक में एजेंडा प्रस्तुत किया। उन्होंने बताया कि जिला में प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना के तहत 24 हजार 287 पात्रों का इनरोल करवाया जा चुका है। इसके अलावा जिला में सितंबर माह में पोषण अभियान मनाया गया था, जिसके तहत विभाग द्वारा आयोजित की गई गतिविधियों व किए गए कार्यों का विश्लेषण किया रहा है।