कांग्रेस का भर्ती विधान : क्या हैं मुख्य बिंदु

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लखनऊ ब्यूरो,
21 जनवरी22।
लखनऊ। कांग्रेस पार्टी के जारी युवा घोषणापत्र में सबसे ज्यादा जोर नौकरियों पर दिया गया है सरकारी क्षेत्र में 20 लाख भर्तियां करने का और उन्हें भर्ती में अकाउंटेबिलिटी और ट्रांसपेरेंसी सुनिश्चित करने का वादा किया है। वैसे तो कांग्रेस पार्टी ने युवाओं के लिए एक विजन देने की कोशिश की है लेकिन इसका नाम भर्ती विधान यह इंगित करता है की चुनाव में पूरा जोर शिक्षित युवाओं को अपनी तरफ आकर्षित करना है। चुनावी आकर्षण कुछ हद तक इसके केंद्रीय नारे “मेरा जोब मुझे मिलेगा” में भी दिखाई देता है। क्या ये नियुक्तियां संभव हो पाएंगी, ये बड़ा सवाल है ?
सरकार के विभिन्न विभागों में बड़े पैमाने पर रिक्तियां सिर्फ इस कारण से नहीं है कि सरकार भर्ती नहीं करना चाहती बल्कि इस कारण से हैं क्योंकि 90 के दशक से आई नई आर्थिक नीति होने और उदारीकरण और निजीकरण की नीतियों ने विभागों की भूमिका को नगण्य करने का प्रयास किया है और इसी कारण कहीं भी भर्तियां नहीं हुई है। नियुक्तियों का रास्ता तभी खुल सकता है जब सरकार आर्थिक नीतियों में बदलाव करते हुए कल्याणकारी राज्य की स्थापना की तरफ जाए । जैसे अगर सरकार स्कूलों और अस्पताल को गंभीरता के साथ चलाना चाहती है और इस जिम्मेदारी को लेती है तभी सभी सरकारी स्कूलों और अस्पतालों में भर्तियां संभव होंगी। आर्थिक नीतियों में बदलाव के बिना भर्तियां संभव ना हो पाएंगी। आर्थिक नीतियों में बदलाव और निजीकरण का पहिया रोके बिना नौकरियां देना संभव नहीं है। ये भी समझना होगा कि निजीकरण और आर्थिक नीतियों में बदलाव यूपीए सरकार के समय में ही शुरू हुआ था। अभी पूरा घोषणा पत्र आना बाकी है, इसलिए समग्र टिप्पणी के लिए अभी इंतजार करना होगा।
युवाओं के बीच उद्यमिता को प्रोत्साहित करने के लिए स्मॉल स्केल इंडस्ट्री के लिए लोन, और सब्सिडी, मार्केटिंग आदि की व्यवस्था की गई है इसके अतिरिक्त पारंपरिक कौशल के लिए भी बढ़ावा देने की बात कही गई है। उचित मूल्य की दुकानों को फ्रेंचाइजी पर चलाया जाएगा। लघु उद्योगों पर काफी विस्तार से बात की है पर घोषणापत्र में कृषि आधारित उद्योग पर बहुत कम कहा गया है।
शिक्षा पर खर्च बढ़ाने का वादा है, पर कितना ये नही बताया है। नए पॉलिटेक्निक और आईटीआई खोलने का वादा भी सुखद हवा के झोंके सा है क्यों कि लंबे समय से ये संस्थान संसाधनों के अभाव में खत्म हो रहे हैं और निजी संस्थान पनप रहे हैं। एक और वादा है कि नौका व्यवसाय, वाटर स्पोर्ट्स, क्रूज सुरक्षा और खेल उद्योग में प्रशिक्षण के लिए संस्थान स्थापित करेगी।
घोषणा पत्र में उद्योग युवाओं के मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य को मजबूत करने की बात भी की गई है। अवसाद और नशे से बचाने के लिए मानसिक स्वाथ्य विशेषज्ञ के साथ कल्याण स्वास्थ्य क्लीनिकों का प्रस्ताव है।
कांग्रेस का ये घोषणा पत्र युवाओं के संबंध में एक विजन तो रखता है, पर वर्तमान आर्थिक नीतियों से टकराते हुए इसका क्रियान्वयन कितना संभव हो पाएगा ये देखना होगा। पर सबसे ज्याद महत्वपूर्ण है कि कांग्रेस कितने युवाओं तक इस विजन को ले जा सकती है।

अरूणिमा प्रियदर्शिनी की रिपोर्ट