कानपुर के चिड़ियाघर के बाद राजधानी लखनऊ समेत कई स्थानों पर पक्षी मृत मिलने से प्रदेश में बर्ड फ्लू का खतरा और बढ़ गया है।

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कानपुर के चिड़ियाघर के बाद राजधानी लखनऊ समेत कई स्थानों पर पक्षी मृत मिलने से प्रदेश में बर्ड फ्लू का खतरा और बढ़ गया है। कानपुर जू प्रशासन ने रविवार को प्रभावित बाड़े के एक दर्जन पक्षी मार दिए हैं। इस बीच, प्रदेश सरकार ने तय किया है कि संक्रमण मिलने पर चिड़ियाघर के आसपास के इलाके को कंटेनमेंट जोन में तब्दील किया जाएगा।

कानपुर जू में पक्षियों की मौत के बाद उनके नमूनों की भोपाल से आई जांच रिपोर्ट में बर्ड फ्लू की पुष्टि होने के बाद रविवार को चिड़ियाघर को सील कर दिया गया। सेनेटाइजेशन और सोडियम हाइपो क्लोराइड का छिड़काव किया गया। जू प्रशासन की 8 टीमों ने कैंपस की रैंडम सैंपलिंग की। अगर किसी पक्षी में बर्ड फ्लू के लक्षण पाए जाते हैं तो प्रमुख वन संरक्षक की मंजूरी लेकर मार दिया जाएगा। लखनऊ जू का पक्षी बाड़ा भी एहतियातन अगले आदेशों तक दर्शकों के लिए बंद कर दिया गया है।

राजधानी के लखनऊ में रविवार को माल और रहीमाबाद के गांवों में आधा दर्जन मृत कौवे पाए गए। बर्ड फ्लू की आशंका में इनके नमूने प्रयोगशाला भेजे गए हैं, जिसकी रिपोर्ट तीन दिन बाद आएगी। लखनऊ के अलावा रायबरेली,अमेठी और बस्ती में भी कुछ पक्षी मृत पाए जाने से हड़कंप मचा रहा। हालांकि इन पक्षियों की मौत बर्ड फ्लू से होने की पुष्टि अभी नहीं हुई है।

उधर, सोनभद्र जिले में कौओं की मौत के बाद बभनी थाना क्षेत्र के बारवाटोला गांव में दर्जन भर मुर्गे मुर्गियों की मौत हो गई। मुर्गियों की मौत से लोगों में बर्ड फ्लू की आशंका बढ़ गई। सूचना पर पशु स्वास्थ्य विभाग की टीम गांव में पहुंची और किसानों से बात की। उन्होंने कहा कि यदि फिर ऐसा होता है तो तत्काल इसकी सूचना विभाग को दिया जाए, जिससे इनकी सैम्पलिंग की जा सके।

यूपी में दूसरे राज्यों से पक्षी व्यापार पर रोक
प्रदेश के प्रमुख सचिव पशुपालन भुवनेश कुमार ने कहा है कि पूरी सतर्कता के साथ बर्ड फ्लू संक्रमण पर नजर रखी जा रही है। अब तक प्रदेश में कानपुर में दो पक्षियों में बर्ड फ्लू के संक्रमण की पुष्टि हुई है। लखनऊ में मृत मिले पक्षियों के सैंपल भोपाल भेजे जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि दूसरे राज्यों से पक्षियों के होने वाले व्यापार पर रोक लगा दी गई है। सर्विलांस जारी है। उन्होंने आम लोगों से अपील की है कि कहीं भी अगर पक्षियों के मृत मिलने की जानकारी हो तो वे पशुपालन अधिकारियों को सूचित करें। साथ ही स्थानीय प्रशासन को भी बताएं।

केंद्र सरकार ने बर्ड फ्लू फैलने की आशंका को देखते हुए चिड़ियाघर प्रबंधनों को निर्देश दिया है कि वे केंद्रीय चिड़ियाघर प्राधिकरण (सीजेडए) को दैनिक रिपोर्ट भेजें और ऐसा तब तक जारी रखें जब तक कि उनके इलाके को रोगमुक्त घोषित नहीं कर दिया जाता। यह भी कहा गया है कि चिड़ियाघर में आने वाले सभी वाहनों को सैनिटाइज किया जाए। जू के भीतर सभी जलाशयों पर निगरानी रखी जाए।