कार्डिनल ने कोरोना बीमारी के कलह से बचाव करने का दिया टिप्स

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मुम्बई,06 मार्च।मुम्बई के आर्चबिशप हैं ओसवाल्ड  ग्रेसियस कार्डिनल है। कार्डिनल ओसवाल्ड  ग्रेसियस ने पत्र जारी कर चर्च के फादरों व अधिकारियों को कोरोना बीमारी के कलह से बचाव करने का टिप्स दिया है।अंग्रेजों की तरह हाथ मिलाने को परित्याग कर भारतीय संस्कृति की तरह हाथ जोड़कर नमस्ते करें।इस पत्र के आलोक में चर्च व उससे जुड़े भक्तों ने अनुशरण करना शुरू कर दिया है।

विशेष सतर्कता ही कोरोना के कोप से बचा सकता है।देश-विदेश-प्रदेश में कोरोना को लेकर कोहराम मच गया है। भारत में भी कोरोना कदम रख दिया है।अबतक 32 लोगों में बीमारी की पुष्टि हो गयी है।अपना बिहार में एक शख्स आक्रांत है।इसके संभावित बढ़ते कदम को रोकने के लिए चर्च के नेतृत्व करने वालों ने कदम उठाना शुरू कर दिए हैं।

सीबीसीआई के नवनिर्वाचित अध्यक्ष कार्डिनल ओसवाल्ड  ग्रेसियस ने कोरोना बीमारी से बचाव करने का टिप्स दिया है।उन्होंने सलाह देने के क्रम में कहा है कि हमारे लोगों को शांति के संकेत पर हाथ नहीं हिलाने (मिलाना) के लिए प्रोत्साहित करते हैं, लेकिन एक दूसरे को हाथ जोड़कर नमस्कार (नमस्ते)
करना चाहिए। दु:खभोग की अवधि में लोगों की उपस्थिति व धार्मिक आस्था के संबंध में उन्होंने आगे कहा है कि लोगों को प्रोत्साहित करें क्रॉस के उपासना (Veneraton) पर परमप्रसाद को hand में दें। इसी तरह  गुड फ्राइडे के दिन में पवित्र भोज के परमप्रसाद के समय हाथ में परमप्रसाद प्राप्त करने के लिए प्रोत्साहित करें। लोगों को क्रॉस को चुंबन नहीं करने को प्रोत्साहित करें। क्रॉस को उठाकर आर्शीवाद लेने को प्रोत्साहित करें। परमप्रसाद ग्रहण एक साथ एक कतार बना श्रद्धा में आ सकता है और वापस जाएं। पवित्र परमप्रसाद देने के पूर्ववर्ती धर्मगुरु / मंत्री एक कटोरी पानी / सेंडिलिजर में अपने हाथों को शुद्ध कर सकते हैं।

आलोक कुमार