कुआरमुंडा ब्लाक में दो शिक्षिकाओं के द्वारा फर्जी ओडिशा शिक्षक पात्रता परीक्षा (ओटीईटी) प्रमाणपत्र देकर नियमित शिक्षक की मान्यता पाने व बढ़ा वेतन लेने का मामला सामने के बाद अब इसमें शामिल दलाल व गिरोह का भी राजफाश हो रहा है।

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राउरकेला : कुआरमुंडा ब्लाक में दो शिक्षिकाओं के द्वारा फर्जी ओडिशा शिक्षक पात्रता परीक्षा (ओटीईटी) प्रमाणपत्र देकर नियमित शिक्षक की मान्यता पाने व बढ़ा वेतन लेने का मामला सामने के बाद अब इसमें शामिल दलाल व गिरोह का भी राजफाश हो रहा है। कुआरमुंडा ही नहीं बल्कि अन्य ब्लाक के शिक्षक भी फर्जी प्रमाणपत्र लेकर नौकरी कर रहे हैं। शिक्षकों से 90 हजार रुपये देने में जाजपुर के दलाल व गिरोह में शामिल लोग फर्जी ओटीईटी प्रमाणपत्र दे रहे हैं। शिक्षा विभाग की ओर से सभी शिक्षकों से प्रमाणपत्र की प्रति मांगी गई है। बोर्ड की ओर से इसकी जांच के बाद इसका पर्दाफाश होगा।
फर्जी ओटीईटी प्रमाणपत्र को लेकर कुछ दिन पूर्व सूचना का अधिकार कानून के तहत तथ्य मांगे गए थे। इसमें दो साल से इस तरह का फर्जीवाड़ा होने का पता चला है। वर्ष 2011 के बाद नियुक्ति पाने वाले शिक्षकों को स्थायी शिक्षक की मान्यता के लिए ओटीईटी परीक्षा उत्तीर्ण होना अनिवार्य किया गया है। इसके लिए ओडिशा माध्यमिक शिक्षा परिषद की से आफलाइन परीक्षा ली जाती है। 2019 में पहली बार ऑनलाइन परीक्षा हुई थी। ऑनलाइन परीक्षा के प्रश्नपत्र में गड़बड़ी के कारण इसका विरोध किया गया था एवं ग्रेस मार्क देने की मांग की गई थी। ग्रेस मार्क मिलने के बाद भी बड़ी संख्या में परीक्षार्थी अनुत्तीर्ण हो गए थे। वे अपना परिणाम न लेकर फिर से मूल्यांकन कराने का अनुरोध किया था पर बोर्ड की ओर से इस पर पुनर्विचार नहीं किया गया। इसका लाभ दलाल व गिरोह में शामिल लोगों को मिला। दलाल अनुत्तीर्ण शिक्षकों से संपर्क करने लगे। सुंदरगढ़ जिले के जाजपुर के दो दलाल इसमें शामिल हैं। कुआरमुंडा, नुआगांव, लाठीकटा समेत अन्य ब्लाक के शिक्षकों से 80 से 90 हजार रुपये लेकर उन्हें फर्जी ओटीईटी प्रमाणपत्र दिया गया है जिसके बल पर वे नौकरी कर रहे हैं। गिरोह में परीक्षा में अनुत्तीर्ण एक शिक्षक का भी नाम शामिल है। इसकी शिकायत मिलने के बाद जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय से शिक्षकों से प्रमाणपत्र मांगा गया है जिसकी जांच बोर्ड में कराई जाएगी। विभाग की सक्रियता से फर्जी शिक्षकों में हड़कंप मच गया है। दूसरे की आईडी से रेल टिकट बुक करने पर गिरफ्तार : दूसरे की आइडी का व्यवहार का ट्रेन टिकट बुक करने के आरोप में आरपीएफ के द्वारा एक व्यवसायी को गिरफ्तार किया गया है। उसके खिलाफ मामला दर्ज कर घटना की जांच की जा रही है। डेली मार्केट के आशीर्वाद कम्यूनिकेशन के मालिक मनीष वर्मा ने दूसरे की आइडी का इस्तेमाल कर ट्रेन का टिकट बुक किया था। इसकी शिकायत मिलने के बाद आरपीएफ की ओर से कार्रवाई शुरू की गई। इस मामले में आरोपित मनीष प्रसाद वर्मा को गिरफ्तार किया गया। उसके पास से एक मोबाइल व नकद 4057 रुपये जब्त किए गए हैं।