केंद्र और पश्चिम बंगाल सरकार के बीच आरोप-प्रत्यारोप आम है। इसी ममता बनर्जी प्रशासन ने शनिवार को सरकार द्वारा चलाए जा रहे टीकाकरण अभियान के आंकड़ों पर सवाल उठाया है और कहा है कि डेटा गलत था।

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केंद्र और पश्चिम बंगाल सरकार के बीच आरोप-प्रत्यारोप आम है। इसी ममता बनर्जी प्रशासन ने शनिवार को सरकार द्वारा चलाए जा रहे टीकाकरण अभियान के आंकड़ों पर सवाल उठाया है और कहा है कि डेटा गलत था।

एक तरफ जहां राज्य के स्वास्थ्य विभाग ने दावा किया कि पश्चिम बंगाल में पहले दिन कम से कम 15,707 लोगों को टीका लगाया गया। वहीं केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने अपने ट्वीट में कहा कि पश्चिम बंगाल में केवल 9730 लोगों को वैक्सीन लगाई गई। पश्चिम बंगाल सरकार के एक वरिष्ठ अधिकारी ने शनिवार को कहा था कि राज्य ने 20,700 लोगों को टीका लगाने का लक्ष्य रखा था, जिसमें से 15707 लोगों को टीका प्राप्त हुआ, जो लगभग 75.9% था। जबकि कोलकाता में 92% लक्ष्य प्राप्त किया जा सकता था, कुछ जिलों जैसे झारग्राम में 100% लक्ष्य प्राप्त किया गया था।
जबकि शनिवार देर रात केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने ट्वीट किया कि कुल 191,181 लाभार्थियों में से केवल 9730 पश्चिम बंगाल से थे, जो राज्य द्वारा निर्धारित लक्ष्य के 50% से कम है। इस पर राज्य के स्वास्थ्य सचिव एनएस निगम ने कहा-यह सही नहीं है। हम इसको लेकर केंद्र से बात कर रहे हैं।

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने शनिवार को केंद्र सरकार से राज्य में सभी नागरिकों के लिए कोविड-19 टीके की पर्याप्त आपूर्ति भेजने का अनुरोध किया था और कहा था कि उनकी सरकार लागत वहन करने के लिए तैयार है। बनर्जी ने पहले घोषणा की थी कि उनकी सरकार पूरे राज्य में सभी नागरिकों को मुफ्त टीका प्रदान करेगी। हालांकि, यह पहली बार नहीं है कि ममता बनर्जी प्रशासन और केंद्र सरकार के बीच कोविद -19 के आंकड़ों और संबंधित मुद्दों को लेकर तनाव हुआ हो। इससे पहले भी इसपर विवाद होता रहा है।