कैमूर भोजपुरी गायक प्रमोद रंगीला का प्रभाव बिहार में दिखने लगा है

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कैमूर जिला मैं उभरते हुए भोजपुरी लोकगीत कलाकार प्रमोद कुमार गोड जो कैमूर जिला के पचगांव गांव निवासी हैं आज अपनी कला की जलवा गांव प्रखंड जिला राज्य स्तर पर बिखेरे हैं प्रमोद आज जिला में प्रमोद रंगीला भोजपुरी गायक के नाम से विख्यात हो चुके हैं इनकी जलवा कैमूर ही नहीं पुरे बिहार के कई जिलों में भोजपुरी गायक के नाम से जाने जाते हैं इनको पसंद करने वाले लोग सभी अवसरों पर मांग करते रहते हैं इनका नाम से फेसबुक आईडी भी चलता है
इनकी योग्यता बीएससी है।जीनकी संगीत से 4 वर्ष प्रयाग यूनिवर्सिटी में पढ़ाई चल रहा है इनका संगीत कला में बचपन से ही रुझान देखने को मिलता था जब ये पांचवी कक्षा में पढ़ते थे तो स्कूल शिक्षक एवं छात्र छात्राएं इनके गीतों को सुनने के लिए काफी पसंद करते थे गीत सुन भाव विभोर हो जाते थे श्रोताओं ने इनका मनोबल संगीत के क्षेत्र में काफी बढ़या जो आज कैमूर ही नहीं पूरे बिहार में प्रमोद रंगीला के नाम से विख्यात हो चुके हैं
आज संगीत की दुनिया में इनके द्वारा प्रथम कैसेट चुम्मा लेके जइह गीत जिला स्तर पर काफी चर्चा में रहा
जिला के शिक्षा विभाग में कला जत्था के माध्यम से जिला के विभिन्न पंचायत के गांव में शिक्षा के प्रति लोगों को जागरूक करने वाला गीत पढ़ल बाबू पढ़ल हो ,प्रस्तुत पर काफी लोकप्रियता प्राप्त किये ।जो लोगों का दिल छू लेने वाला गीत शिक्षा के क्षेत्र में काफी लोकप्रिय रहा इन्हें खूब सारी बधाइयां मिली
तीसरा कैसेट देवी गीत लाले लाले डोलिया पर , लाल ओहार लगा कर हम सभी के घर आ रही है गीत ने पूरे राज्य में विख्यात कर दिया
भोजपुरी गायक प्रमोद रंगीला ने अपना विचार व्यक्त कर कहा कि मैं संगीत के दुनिया में सभी कलाकारों से अलग होकर अपना पहचान बनाकर जनता के दिलों पर राज करने की सोच है प्रमोद रंगीला मनोज तिवारी के टक्कर मेआज उभरते सितारा कैमूर में अपना पांव जमाना प्रारंभ कर दिया है