कोरोना काल में अनाश्रित हुए बच्चों को मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना का शत प्रतिशत लाभ देना करें सुनिश्चित: अतिरिक्त उपायुक्त

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हरियाणा; सिरसा, 16 सितंबर।
अतिरिक्त उपायुक्त सुशील कुमार ने कहा कि कोरोना काल में माता पिता की मृत्यु के बाद अनाश्रित हुए बच्चों को मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना के तहत शत प्रतिशत लाभ देना सुनिश्चित करें। इसके साथ-साथ यह भी सुनिश्चित करें की ऐसे बच्चों की शिक्षा बिना किसी व्यवधान के जारी रहे।
अतिरिक्त उपायुक्त वीरवार को स्थानीय लघु सचिवालय के बैठक कक्ष में मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना के तहत आयोजित समीक्षा बैठक में संबोधित कर रहे थे। एडीसी सुशील कुमार ने कहा कि प्रदेश सरकार ने कोरोना महामारी से अनाश्रित हुए बच्चों के लिए मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना शुरू की है। इस योजना के तहत विभिन्न आयु वर्ग के बच्चों के लिए स्कूली शिक्षा, उच्च शिक्षा के लिए सहायता, स्वास्थ्य बीमा, सावधि जमा (फिक्स डिपोजिट) आदि की सुविधा प्रदान की जानी है। अधिकारी यह सुनिश्चित करें कि कोई भी पात्र बच्चा योजना के लाभ से वंचित न रहे।
उन्होंने बताया कि योजना के तहत 10 वर्ष से कम आयु के बच्चों के लिए स्कूली शिक्षा के लिए नजदीकी केंद्रीय विद्यालय/निजी स्कूल डे स्कॉलर के रूप में दाखिला की सुविधा प्रदान करने का प्रावधान है। इसके अलावा निजी स्कूल में दाखिला के लिए पीएम केयर्स से आरटीई (शिक्षा का अधिकार) के तहत फीस, वर्दी, पाठ्य पुस्तकों व नोटबुक की सुविधा उपलब्ध करवाई जाएगी। उन्होंने बताया कि 11 से 18 वर्ष की आयु के बच्चों के लिए स्कूली शिक्षा के लिए किसी भी आवासीय विद्यालय जैसे सैनिक स्कूल, नवोदय विद्यालय इत्यादि में दाखिला की सुविधा दी गई जाएगी। निजी स्कूल में दाखिला के लिए पीएम केयर्स से आरटीई (शिक्षा का अधिकार) के तहत फीस, वर्दी, पाठ्य पुस्तकों व नोटबुक की सुविधा उपलब्ध करवाई जाएगी। दादा-दादी या विस्तारित परिवार की देखरेख में रहने वाले बच्चे को निकटतम केंद्रीय विद्यालय या निजी स्कूल में डे-स्कॉलर के रूप में दाखिला का प्रावधान किया गया है।
उल्लेखनीय है कि जिला में ऐसे पांच बच्चों को चिन्हित किया गया है जिनके अभिभावकों की कोरोना संक्रमण के कारण मृत्यु हुई है। इसके अलावा 206 ऐसे बच्चे की सूची तैयार की गई है जिनके माता या पिता में से एक की मृत्यु कोरोना काल में हुई है। उन्होंने इन सभी बच्चों की जल्द से जल्द वैरीफिकेशन करने के दिशा निर्देश दिए ताकि इन बच्चों को भी सरकार की विभिन्न योजनाओं का लाभ दिया जा सके।
बैठक में पीओ आईसीडीएस डा. दर्शना सिंह, जिला शिक्षा अधिकारी संत कुमार, जिला समाज कल्याण अधिकारी नरेश बत्रा, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी आत्म प्रकाश, बाल संरक्षण अधिकारी अंजना, सुनीता व चाइल्ड वेलफेयर की चेयरपर्सन अनीता मौजूद थी।