कोरोना वायरस संक्रमण और उसके बाद के आर्थिक हालातों को देखते हुए केंद्र सरकार नई भर्तियों से तौबा कर रही है

0
133

कोरोना वायरस संक्रमण और उसके बाद के आर्थिक हालातों को देखते हुए केंद्र सरकार नई भर्तियों से तौबा कर रही है। खासतौर पर ऐसे पदों को प्रतिनियुक्ति और अनुबंध के जरिए भरा जा रहा है जो किसी अधिकारी की सेवानिवृत्ति के बाद खाली हुए हैं। केंद्र में विभिन्न सरकारी विभाग जब अपने यहां खाली पड़े पदों को भरने के लिए डीओपीटी के पास फाइल भेजते हैं तो वहां से उन्हें प्रतिनियुक्ति और अनुबंध पर अधिकारी रखने की सलाह दी जाती है।
यहां तक कि ऋण वसूली न्यायाधिकरण (डीआरटी) में सहायक रजिस्ट्रार व रिकवरी अफसर जैसे अहम पदों को भी प्रतिनियुक्ति के जरिए भरा जा रहा है। इसके अलावा अंडर सेक्रेटरी स्तर के पद पर कॉन्टैक्ट के जरिए नियुक्ति हो रही है। कई मंत्रालय और विभाग ऐसे हैं, जहां पद खाली होने के बाद वहां स्थायी भर्ती वाली फाइल को मंजूरी ही नहीं मिल रही है। नेशनल टेक्निकल टेक्सटाइल मिशन में ज्वाइंट मिशन डायरेक्टर (प्रोग्राम इंम्प्लीमेंटेशन), ज्वाइंट मिशन डायरेक्टर (रिसर्च एंड इनोवेशन) और डिप्टी मिशन डायरेक्टर जैसे पदों को प्रतिनियुक्ति से भरा जा रहा है। डीओपीटी ने इन पदों के लिए आवेदन जारी कर दिया है। चूंकि ये पद अंडर सेक्रेटरी और उससे ऊपर के होते हैं, इसलिए इनके लिए सीएसआई डिवीजन से कैडर क्लीयरेंस भी लेनी होती है। वित्त मंत्रालय के वित्त सेवा विभाग के तहत आने वाले ऋण वसूली न्यायाधिकरण (डीआरटी) में सहायक रजिस्ट्रार व रिकवरी अफसर जैसे अहम पदों को भी प्रतिनियुक्ति से भरने के लिए कहा गया है। दिल्ली, चंडीगढ़, देहरादून, लखनऊ, पटना और रांची के लिए 12 सहायक रजिस्ट्रार नियुक्ति किए जाने हैं। इसके अलावा रिकवरी अफसर के 16 पद भी प्रतिनियुक्ति से भरे जाएंगे। इंडियन एकेडमी ऑफ हाइवे इंजीनियर्स में अंडर सेक्रेटरी स्तर के पद, जिसे कन्सलटेंट का नाम दिया गया है, उन्हें अनुबंध के आधार पर भरा जाएगा। इसके लिए केंद्र सरकार, राज्य सरकार, पीएसयू और दूसरे स्वायत्तता प्राप्त विभाग के रिटायर्ड अधिकारियों को नियुक्ति में प्राथमिकता दी जाएगी।(UNA)