कोलकाताः- जेपी नड्डा का ममता पर प्रहार – पहले लोगों पर हमला, फिर परिवारों पर हमला, फिर महिलाओं पर हमला और उसके बाद लूटपाट

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कोलकाताः बंगाल विधानसभा चुनाव के परिणाम सामने आने के बाद राज्य में जारी हिंसा की घटनाओं को लेकर भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने बुधवार को मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और तृणमूल कांग्रेस पर बड़ा हमला बोला। नड्डा ने कहा कि जिस तरह नरसंहार हुआ, क्रूरता से हत्याएं की गईं और जिस तरह कार्यकारी मुख्यमंत्री ममता बनर्जी 36 घंटे तक शांत रहीं, यह बताता है कि इसमें उनकी संलिप्तता है।
ममता जी का मौन उनकी संलिप्तता के बारे में बताता है और उन्होंने अपना तीसरा कार्यकाल अपने हाथों में खून के साथ शुरू किया है।नड्डा ने कहा कि तृणमूल कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने भाजपा के जमीनी कार्यकर्ताओं को निशाना बनाया और उनपर और उनके परिजनों पर हमले किए। उन्होंने खासतौर पर महिलाओं को निशाना बनाया। छेड़छाड़ और दुष्कर्म के मामले बड़े पैमाने पर हुए हैं। नड्डा ने कहा कि हम चुनाव के प्रचार में जब कहते थे कि बंगाल में महिलाएं सबसे ज्यादा असुरक्षित हैं, तो हम सही थे।
राज्य में हिंसा की घटनाओं को नड्डा ने राज्य प्रायोजित हमले करार दिया।उन्होंने कहा कि बंगाल में हुई इन घटनाओं में जिन लोगों की जान गई है, उनकी संख्या अब बढकर 14 हो गई है। भाजपा अध्यक्ष ने चेताते हुए साथ ही कहा कि हम हिंसा पर चुप बैठने वाले नहीं हैं। हम ये लड़ाई बंगाल की पूरी जनता के लिए निर्णायक मोड़ तक लड़ेंगे। उन्होंने सवाल किया, ‘मानवाधिकारों की बात करने वाले पिछले दो दिन से कहां हैं? मैं विपक्षी दलों का रुख देख कर भी हैरान हूं। क्यों पिछले दो दिनों में इन घटनाओं की निंदा नहीं की जा रही है? यह उनके दोहरे नजरिए के बारे में बताता है।’
उन्होंने कहा कि बंगाल में पहले लोगों पर हमला, फिर परिवारों पर हमला, फिर महिलाओं पर हमला और उसके बाद लूटपाट देखने को मिली।भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि गांव- गांव में में तोड़फोड़ की गई। लोगों को अपनी सुरक्षा के लिए अपने गांवों को छोड़कर जाना पड़ा। कुछ लोगों को अपनी जान बचाने के लिए असम में शरण लेनी पड़ी। पूर्व कैनिंग जैसे इलाकों में इन लोगों को पिछले साल एम्फन चक्रवात से जूझना पड़ा था और इस साल उन्हें ‘ममता-फान’ का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि हम हर एक भाजपा कार्यकर्ता के साथ हैं और हम अंत कर यह जंग लडेंगे। हम मुद्दों को उठाएंगे साथ ही हम चाहते हैं कि हर बंगाली समानता और गरिमा के साथ रह सके।