कोलकाता पश्चिम बंगाल में शांतिपूर्ण चुनाव कराना चुनाव आयोग के लिए बड़ी चुनौती है। चुनाव से पहले हो रहीं लगातार हिंसाओं और शिकायतों को लेकर मुख्य निर्वाचन आयुक्त सुनील अरोड़ा के नेतृत्व में आयोग की पूरी बेंच चुनाव से पहले राज्य के तीन दिवसीय दौरे पर बुधवार को कोलकाता पहुंची थी।

0
27

कोलकाता
पश्चिम बंगाल में शांतिपूर्ण चुनाव कराना चुनाव आयोग के लिए बड़ी चुनौती है। चुनाव से पहले हो रहीं लगातार हिंसाओं और शिकायतों को लेकर मुख्य निर्वाचन आयुक्त सुनील अरोड़ा के नेतृत्व में आयोग की पूरी बेंच चुनाव से पहले राज्य के तीन दिवसीय दौरे पर बुधवार को कोलकाता पहुंची थी। गुरुवार को मुख्य निर्वाचन आयुक्त ने प्रेस कॉन्फ्रेंस करके बंगाल की स्थितियों को लेकर स्थिति स्पष्ट की।

मुख्य निर्वाचन आयुक्त सुनील अरोड़ा ने कहा कि कुछ सियासी दलों ने डर जताया है कि बंगाल चुनाव के दौरान हिंसा हो सकती है। उन्होंने सभी दलों के साथ बैठक की है। पुलिस प्रशासन से चर्चा हुई। कुछ दलों ने बंगाल की कानून-व्यवस्था पर भी सवाल उठाए हैं।

बंगाल के फीडबैक से टेंशन
चुनाव आयुक्त ने कहा कि बंगाल में जो परिस्थितियां बन रही हैं, उससे यहां पर शांतिपूर्ण तरीके से चुनाव कराना चुनाव आयोग के लिए बड़ी चुनौती है। चुनाव आयुक्त ने कहा कि उन्हें राज्य से जो फीडबैक और रिपोर्ट मिली है, उस पर अब विस्तृत चर्चा करके फैसला लिया जाएगा।

एक साथ चुनाव के ऐलान पर चर्चा
बंगाल में विधानसभा चुनाव की तारीखों को लेकर उन्होंने कहा कि जिन पांच राज्यों बंगाल, असम, तमिलनाडु और केरल में चुनाव हैं सबकी तारीखें एक साथ जल्द ही घोषित की जाएंगी। दलों ने चुनाव के लिए यहां पर भारी संख्या में फोर्स तैनात करने की मांग की है।

25 फीसदी ज्यादा सुरक्षाकर्मी होंगे तैनात!
आपको बता दें कि भारत निर्वाचन आयोग 2019 के लोकसभा चुनाव की अपेक्षा 25 फीसदी अधिक सुरक्षा कर्मियों की तैनाती करने पर विचार कर रहा है ताकि यहां पर शांतिपूर्ण तरीके से चुनाव कराए जा सकें। आयोग की पूर्ण पीठ अप्रैल-मई में होने वाले विधानसभा चुनाव की तैयारियों का जायजा लेने के लिए अभी राज्य के दौरे पर हैं। राज्य में मतदान केंद्रों की संख्या 77,247 से बढ़कर 1,01,733 हो गई है।