कोलकाता : मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने आम बजट को नाटक करने वाली सरकार का फर्जी बजट करार दिया है।

0
110

कोलकाता : मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने आम बजट को नाटक करने वाली सरकार का फर्जी बजट करार दिया है। सोमवार को सिलीगुड़ी में उत्तर बंग उत्सव के उद्घाटन समारोह में अपने संबोधन में ममता ने कहा-‘मोदी सरकार सबकुछ बेचने की फिराक में है। बैंक, बीमा, रेल, भेल, सेल सबकुछ बेच देगी। भविष्य में खाने के लिए भात-दाल और उबला आलू भी जुटेगा कि नहीं, इसे लेकर भी संशय है। मुख्यमंत्री ने आगे कहा-‘केंद्र सरकार विधानसभा चुनाव को देखते हुए बंगाल के ग्रामीण क्षेत्रों में सड़कों के निर्माण की बात कर रही है। हमें इसकी जरुरत नहीं है। गांवों में सड़कें तैयार हो चुकी हैं।

बंगाल के वित्तमंत्री डॉ.अमित मित्रा ने आम बजट को ‘दिशाहीन करार देते हुए कहा कि इसमें राज्यों को कोरोना महामारी से लडऩे के लिए एक पैसा नहीं दिया गया है। कोरोना से निपटने के लिए बंगाल सरकार अब तक 4,000 करोड़ रुपये खर्च कर चुकी है जबकि केंद्र की तरफ से महज 297 करोड़ रुपये ही दिए गए हैं। बजट में इसे लेकर कोई धनराशि आवंटित नहीं की गई है।
तृणमूल के राज्यसभा सदस्य डेरेक ओब्रायन ने कहा कि भारत का पहला पेपरलेस बजट 100 फीसद विजनलेस है। इस फर्जी बजट का थीम ‘सेल इंडिया है। रेलवे, हवाई अड्डों, बंदरगाहों, बीमा कंपनियों को बेच डाला गया। सार्वजनिक क्षेत्र के 23 उपक्रमों को बेच दिया गया है।

डेरेक ने आगे कहा कि पेश बजट में आम लोगों की उपेक्षा की गई। किसानों को नजरंदाज किया गया। धनी और धनी और गरीब और गरीब हो रहे हैं। मध्यम वर्ग के लिए इसमें कुछ नहीं है। राज्यों से उनका राजस्व लूट लिया गया है। बंगाल जो कल कर चुका है, केंद्र आज उसकी बात कर रहा है। बजट में बंगाल में 625 किलोमीटर तक सड़क के निर्माण की बात कही गई है जबकि सूबे में 2018 में 5,111 और 2019 में1,165 किलोमीटर तक सड़कों का निर्माण हो चुका है। बंगाल इस मामले में देश में नंबर एक है।

राज्य के पंचायत मंत्री व तृणमूल के वरिष्ठ नेता सुब्रत मुखर्जी ने कहा कि मोदी सरकार ने पेश बजट मेंआम लोगों के बारे में नहीं सोचा। पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ा दिए गए हैं, जिससे रोजमर्रा की चीजों के दाम और बढ़ेंगे।