कोलकाता, । कलकत्ता उच्च न्यायालय ने बंगाल सरकार को बीरभूम जिले में एक नाबालिग की पुलिस हिरासत में मौत मामले में जांच में हुई प्रगति पर एक विस्तृत रिपोर्ट जमा करने का सोमवार को निर्देश दिया है।

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कोलकाता, । कलकत्ता उच्च न्यायालय ने बंगाल सरकार को बीरभूम जिले में एक नाबालिग की पुलिस हिरासत में मौत मामले में जांच में हुई प्रगति पर एक विस्तृत रिपोर्ट जमा करने का सोमवार को निर्देश दिया है।

न्यायमूर्ति संजीव बनर्जी और न्यायमूर्ति अरिजीत बनर्जी की एक खंडपीठ ने राज्य सरकार को निर्देश दिया है कि वे मृतक लड़के के परिवार के सदस्य को यह जानकारी दें कि अदालत ने स्वत: संज्ञान लेते हुए मामले की सुनवाई शुरू कर दी है और 24 दिसंबर को अगली सुनवाई के दिन बच्चे के परिजन को मुकदमे में हिस्सा लेने की अनुमति है। लड़के को चोरी के आरोप में उसके घर से पकड़ा गया था और वह मलारपुर पुलिस थाने में 29 अक्टूबर को शौचालय में कथित तौर पर फांसी से लटका हुआ मिला था। राज्य सरकार का इस पर कहना था कि पड़ोस के कमरे में पड़े बिजली के तार को नाबालिग ने उठा लिया था और शौचालय में फांसी लगा ली।
गो तस्करी मामले में बीएसएफ कमांडेंट सतीश कुमार को मिली जमानत

बंगाल में भारत-बांग्लादेश सीमा के जरिए गो तस्करी मामले में पिछले 35 दिनों से जेल में बंद बीएसएफ के कमांडेंट सतीश कुमार को सोमवार को आसनसोल सीबीआइ अदालत ने पांच लाख की जमानत राशि पर जमानत दे दी। सीबीआइ सूत्रों के मुताबिक, आसनसोल सीबीआइ अदालत की जज जय बनर्जी ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद कमांडेंट सतीश कुमार को जमानत दे दी। गो तस्करी मामले में सीबीआइ ने पिछले महीने 17 नवंबर को कुमार को लंबी पूछताछ के बाद कोलकाता से गिरफ्तार किया था।
आरोपित कमांडेंट के वकील कुमार ज्योति तिवारी एवं शेखर चंद्र कुंडू ने बहस के दौरान अदालत को बताया कि कमांडेंट का इस मामले में कोई संलिप्तता नही है। वह सरकारी कर्मचारी है तथा वह फिलहाल छत्तीसगढ़ के दुर्ग में पोस्टेड हैं। यदि उन्हें जमानत मिलती है तो वह सीबीआइ को हर तरह से पूछताछ में सहयोग करेंगे।

दूसरी तरफ सीबीआइ के वकील ने कमांडेंट की जमानत याचिका का विरोध करते हुए कहा कि यह बहुत ही हाई प्रोफाइल मामला है। इस मामले में अभी कुख्यात गो तस्कर इनामुल हक फिलहाल सीबीआइ की रिमांड पर है। कोलकाता में सीबीआइ मुख्यालय निजाम पैलेस में उनसे पूछताछ चल रही है। इसलिए कमांडेंट को जमानत नहीं मिलनी चाहिए। ऐसा हुआ तो वह जांच को प्रभावित करेंगे।
हालांकि दोनों पक्षों को सुनने के बाद अदालत ने उन्हें जमानत दे दी। बता दें कि इस मामले में सीबीआइ को कमांडेंट के पुत्र भास्कर भुवन, इनामुल हक के सहयोगी गुलाम मुस्तफा तथा सिराजुल हक की तलाश है। उल्लेखनीय है कि सतीश कुमार अप्रैल 2015 से दिसंबर 2017 तक बीएसएफ कमांडेंट के तौर पर मुर्शिदाबाद में पोस्टेड थे। उन पर उस दौरान तस्करों की मदद करने का आरोप है।