खुदरा महंगाई दर में इज़ाफ़ा, जनता होगी और बेहाल

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13 Feb. 2020,

una, news

Delhi bureau

दिसंबर में खुदरा महंगाई दर 7.35 फीसदी मुकाबले फरवरी में बढ़कर 7.59 हो गया है. खाद्य पदार्थों के महंगे होते जाने पर यह आकड़ा जारी किया गया है. हालत तो यह भी है कि रसोई गैस के दामों में डेढ़ सौ रुपये के करीब बढ़ोत्तरी तथा डीजल और पेट्रोल की कीमतों में बढ़ोत्तरी ने भी आम जान की हालत खस्ता कर दिया है. महंगाई पर सरकार लगाम नहीं लगा पा रही है. खाने-पीने की चीजें महंगी होने से जनवरी में खुदरा महंगाई दर में फिर इजाफा हुआ है. जनवरी में खुदरा महंगाई दर बढ़कर 7.59 फीसदी पर पहुंच गई है. जबकि दिसंबर-2019 में खुदरा महंगाई दर 7.35 फीसदी थी, और नवंबर में खुदरा महंगाई दर 5.54 फीसदी थी.

केंद्रीय सांख्यिकी कार्यालय (CSO) ने आंकड़े जारी करते हुए कहा कि अनाजों और दालों की कीमतों में इजाफा होने के बाद खुदरा महंगाई दर में इतनी तेजी आई है. यह लगातार चौथा महीना है, जब खुदरा महंगाई भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के महंगाई लक्ष्य 4 फीसदी के ऊपर गया है.

देश के विनिर्माण क्षेत्र में नरमी रहने के कारण दिसंबर 2019 दौरान औद्योगिक उत्पादन में दौरान 0.3 फीसदी की गिरावट आई. एक साल पहले इसी महीने में देश के औद्योगिक उत्पादन में 2.5 फीसदी की वृद्धि दर्ज की गई थी. औद्योगिक उत्पादन सूचकांक (आईआईपी) में दिसंबर 2018 के दौरान 2.5 फीसदी की वृद्धि दर्ज की गई थी. विनिर्माण क्षेत्र के उत्पादन में बीते दिसंबर में 1.2 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई, जबकि एक साल पहले इसी महीने में विनिर्माण क्षेत्र की उत्पादन वृद्धि दर 2.9 फीसदी दर्ज की गई थी.

इस साल जनवरी में जनवरी में देश की खुदरा महंगाई दर 6 साल के उच्चतम स्तर पहुंच गई थी. इससे पहले मई 2014 में 8.33 फीसदी थी. वहीं अर्थव्यवस्था के मोर्चे पर एक और निराश करने वाली खबर है. दिसंबर में औद्योगिक उत्पादन के इंडेक्स (आईआईपी) में 0.3 फीसदी गिरावट रही.

हिम्मत सिंह
दिल्ली ब्यूरो प्रमुख

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