चांद – खनिया गांव में आग से छह गायों की हुई मौत

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थाना क्षेत्र के खनियां गांव में मनी सिंह के हाता में रखे गेहूं के बोझा के गांज में रविवार को आग लग गई, जिससे छह गायें मर गईं और 10 झुलसकर जख्मी हो गईं। सूचना पर पशु अस्पताल से पहुंचे चिकित्सकों ने झुलसी गायों का इलाज किया। यह घटना तब हुई जब बिजली तार के शार्ट सर्किट से लगी आग की लपट पास में स्थित गोशाला में पहुंच गईं। गोशाला में दर्जनों महंगी गायें बंधी थीं।

पीड़ित किसान ने बताया कि ग्रामीणों ने बड़ी हिम्मत दिखाई और जल रहीं गायों की रस्सी को खोलकर गोशाला से बाहर भगा दिया, जिससे कई गायों की जान बच गई। ग्रामीणों के अथक प्रयास से आग पर काबू पाया गया। हालांकि सूचना पर थानाध्यक्ष भी दल बल के साथ एवं अग्निशमन वाहन लेकर मौके पर पहंुचे थे, जिससे पूरी तरह आग बुझ गई। पशुपालन विभाग के डॉ. कृष्णकांत शर्मा एवं विभाग के कर्मियों ने सूई-दवा दी।

चिकित्सक ने बताया कि छह गायें मर गई हैं और 10 गंभीर रूप से जली हैं। एक की हालत ज्यादा खराब है। थानाध्यक्ष आमोद कुमार ने बताया कि बिजली के शॉट-सर्किट से सबसे पहले गेहूं के गांज में आग लगी। उसके बाद आग की लपट गोशाला तक पहुंच गई। घटनास्थल पर पहुंचे सांसद प्रतिनिधि देवलाल पासवान, उमेश सिंह, सुजीत सिंह ने बताया कि इस घटना में किसान को काफी आर्थिक क्षति हुई है।

चांद – गले में फंदा लगा उपसरपंच ने की आत्महत्या

चांद ग्राम कचहरी के उपसरपंच चंद्रकांत पांडेय उर्फ मालो पांडेय ने रविवार की दोपहर गले में फंदा लगाकर झूल गया, जिससे उसकी मौत हो गई। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम कराने के लिए भभुआ भिजवा दिया। थानाध्यक्ष आमोद कुमार ने बताया कि घटना का कारण पारिवारिक कलह है। शाम छह बजे तक पीड़ित परिवार द्वारा घटना से संबंधित किसी तरह का आवेदन नहीं दिया है। आवेदन मिलने पर मामला दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी।

उपसरपंच के 13 वर्षीय बेटा काजू पांडेय ने बताया कि वह खराब पड़े समरसिबल पंप को बनवाने लिए घर से बाहर गया था। जब वह घर लौटा तो उसकी मम्मी कालिंदी पांडेय ने उससे कहा कि तुम्हारे पापा ने हमारी पिटाई की थी। इस कारण वह थाना पर गई थी। तुम्हारे पापा को भी थाना पर बुलाया गया था। वहां से वह घर लौटे तो कमरे में घुस कर किवाड़ बंद कर लिए। ज्यादा देर हुई तो छोटे भाई 12 वर्षीय बादाम कुमार ने रोशनदान से झांका तो देखा कि पापा गले में फंदा लगा नीचे सिर व उपर पैर किए दरवाजे की कुंडी से झूले हुए हैं। शोर मचाते हुए हमलोग दरवाजे को किसी तरह खोलकर अंदर घुसे तो देखे कि वह मृत पड़े हैं।

घटना के बाद घर में कोहराम मच गया। मृतक की पत्नी कालिंदी पांडेय दहाड़ मारकर रोने लगी। उसके रोने की आवाज सुन ग्रामीण महिलाएं पहुंच गईं। दोनों बेटे व सात वर्षीया बेटी भी रोने लगीं। गांव की महिलाएं उन्हें ढांढस बंधाते हुए चुप कराने लगीं। ग्रामीण पुरुष भी जुट गए। घटना की सूचना पर ग्राम कचहरी के सरपंच, सभी पंच व अन्य लोग भी मौके पर पहंुचकर उन्हें ढांढस बंधाने लगे।

पत्नी भी है वार्ड 10 की पंच

मृतक चंद्रकांत पंच तो थे ही उनकी पत्नी कालिंदी भी ग्राम कचहरी की पंच है। चंद्रकांत वार्ड पांच व उनकी पत्नी वार्ड 10 की पंच हैं। ग्राम कचहरी के सरपंच राजेन्द्र प्रसाद व वार्ड सात की पंच सुनैना देवी ने बताया कि उप सरपंच बहुत ही हंसमुख व मिलनसार थे। इसलिए हम सभी पंच मिलकर उन्हें उपसरपंच चुने थे। हमलोगों को भत्ता भी सालभर का नहीं मिल पाया था। पता नहीं इस तरह का कदम किस परिस्थिति में उठा लिए?

सुबह से पी रहे थे ताड़ी

मृत उपसरपंच चंद्रकांत पांडेय के घर के सामने काफी लोगों की भीड़ जुटी थी। जितने मुंह उतनी बातें सुनने को मिल रही थी। भीड़ में शामिल लोग यह चर्चा कर रहे थे कि चंद्रकांत आज सुबह से ही ताड़ी पी रहे थे। नशे में पति-पत्नी के बीच तूतू, मैंमैं हुई। पति-पत्नी थाना पर भी गए। लौटे तो यह घटना हो गई।