जबरन विस्थापन, जमीन वापस न करने और पुनर्वास न करने के विरुद्ध सिलीगुड़ी में व्यापक विरोध।

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UNA NEWS
WB BUREAU
23 MAY SILIGURI

अनिच्छुक किसानों की भूमि वापस नही करने, मुआवजा नही देने और विस्थापित परिवारों के पुनर्वास में ममता बनर्जी सरकार की विफलता के खिलाफ पोराझार काओखाली भूमि रक्षा समिति और तीस्ता महानंदा परियोजना प्रभावित भूमि रक्षा समिति द्वारा आज एक विशाल उत्तरकन्या अभियान का आयोजन किया गया।

यह संघर्ष 2004 से चल रहा है और चुनाव के दौरान टीएमसी द्वारा इन उपरोक्त मांगों को पूरा करने का वादा करने के बाद इसमें तेजी आई है। रैली में मांग की गई कि जब तक किसानों की मांगें पूरी नहीं हो जाती काओखाली परियोजना को रोक दिया जाए।

रैली काओखाली से शुरू होकर नारे लगाते हुए उत्तर कन्या की ओर बढ़ी। तीन बत्ती मोड में इसे बाधित किया गया, जहां विभिन्न संगठनों के नेताओं ने सभा को संबोधित किया, जिसमें एआईकेएमएस के महासचिव डा आशीष मित्तल, मुक्ति सरकार, डेमोक्रेटिक राइट एक्टिविस्ट, शंभू प्रसाद सिंह जीएस एआईकेएमएस बिहार, एआईकेएस के निरोद सिंघा, एआईकेएमकेएस के शांति मुंडा शामिल थे। कार्यवाही का संचालन IFTU के परन चंदा द्वारा किया गया।

पीके भूमि रक्षा समिति के कार्तिक मल्लिक और मिठू मलिक, तीस्ता महानंदा समिति के कृष्णपाद सिन्हा, एआईकेएमएस के अमल रॉय, सीटू के गौतम घोष, पूर्व विधायक शंकर मालाकार, ऐक्टू के वासुदेव बोस सहित सात सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने सिलीगुड़ी के संभागीय आयुक्त से मुलाकात की। उन्होंने बैठक को संबोधित भी किया।