जयपुर। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने बुधवार को न्यायपालिका को लेकर एक टवीट किया। गहलोत ने टवीट के जरिए कहा कि पूरे देश में सर्वोच्च न्यायालय को संविधान का रक्षक माना जाता है।

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जयपुर। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने बुधवार को न्यायपालिका को लेकर एक टवीट किया। गहलोत ने टवीट के जरिए कहा कि पूरे देश में सर्वोच्च न्यायालय को संविधान का रक्षक माना जाता है। न्यायपालिका का देश में सर्वोच्च सम्मान है।

उन्होंने कहा कि हाल ही में देश के जाने माने वकीलों व बुद्धिजीवियों की ओर से न्याय पालिका की विश्वसनीयता पर प्रश्न चिन्ह लगाया जाना सभी के लिए चिन्ता का विषय है। यह लोकतंत्र के हित में नहीं है। गहलोत ने कहा कि संवैधानिक संस्थाओं के प्रति लोगों के विश्वास से ही जनतंत्र और संविधान का शासन चलता है।

गौरतलब हैं कि पिछले दिनों सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता प्रशांत भूषण को अवमानना के मामले का दोषी बताया गया था। इसको लेकर देश के जाने माने वकीलों और अन्य बुद्धिजीवियों की ओर से सर्वोच्य न्यायालय को लेकर कई बयान दिए थे। और इन बयानों से देश की संवैधानिक संस्थाओं को लेकर एक बहस भी छिड़ गई है।