जयपुर राजस्थान में पिछले एक महीने से जारी सियासी संकट का अंत शुक्रवार को गहलाेत सरकार के विश्वास प्रस्ताव के साथ खत्म हो गया। सरकार से बगावत करने वाले पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट और उनके समर्थक विधायक भी पार्टी और सरकार के साथ खड़े नजर आए

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जयपुर
राजस्थान में पिछले एक महीने से जारी सियासी संकट का अंत शुक्रवार को गहलाेत सरकार के विश्वास प्रस्ताव के साथ खत्म हो गया। सरकार से बगावत करने वाले पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट और उनके समर्थक विधायक भी पार्टी और सरकार के साथ खड़े नजर आए। सदन में जब बीजेपी ने सरकार पर हमला बोला तो पायलट ने यहां तक कहा कि जब तक मैं यहां बैठा हूं, सरकार सुरक्षित है। फिलहाल विधानसभा का सत्र जारी है और सदन में सरकार और विपक्ष के बीच गरमागरम बहस का दौर जारी है।
‘मैं कवच-ढाल और गदा-भाला बनकर सुरक्षित रखूंगा’
पायलट ने विधानसभा में उपनेता प्रतिपक्ष राजेंद्र राठौड़ की ओर से उठाए गए सवालों के जवाब देते हुए कहा, ‘सवा सौ लोग सदन में खड़े हैं। कहने सुनने वाली बातों को परे हटकर आज वास्तविकता पर ध्यान देना पड़ेगा। धरातल पर जब कल हमने संकल्प लिया, बैठक कर बातें करी, सारी बात खत्म कर आज जब सदन में जो प्रवेश किया है तो इस सरहद पर कितनी भी गोला बारी हो हम सब लोग और मैं कवच और ढाल, गदा और भाला बनकर यहां पर सुरक्षित रखुंगा, आपको बताना चाहता हूं।
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पायलट बोले- मैं आखिरी कतार में बैठा हूं
‘आज मैं सदन में आया तो देखा कि मेरी सीट पीछे रखी गई है. मैं आखिरी कतार में बैठा हूं. मैं राजस्थान से आता हूं, जो कि पाकिस्तान बॉर्डर पर है. बॉर्डर पर सबसे मजबूत सिपाही तैनात रहता है. मैं जब तक यहां बैठा हूं, सरकार सुरक्षित है.’

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इससे पहले राजस्थान में लगभग एक महीने से जारी सियासी खींचतान के बाद विधानसभा का सत्र शुरू होगा। सत्र के आगाज में शोकाभिव्यक्ति के बाद सदन की कार्रवाई दोपहर एक बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई। फिर से कार्रवाई शुरू हुई तो राजस्‍थान में अशोक गहलोत की सरकार ने विधानसभा में विश्‍वासमत हासिल करने के प्रस्‍ताव पेश कर दिया है। प्रदेश सरकार की ओर से संसदीय कार्य मंत्री शांति धारीवाल ने प्रस्‍ताव पेश किया। अब इस प्रस्‍ताव पर बहस जारी है।