जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सिरसा स्थित एडीआर भवन में किया गया राज्य स्तरीय कार्यक्रम

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सिरसा, हरियाणा राज्य विधिक सेवाएं प्राधिकरण द्वारा सभी को न्याय दिलवाने में कानूनी सेवाओं की गुणवत्ता अहम नामक अभियान चलाया गया है। अभियान का शुभारंभ राष्ट्रीय विधिक सेवाएं प्राधिकरण (नालसा) के कार्यकारी अध्यक्ष एवं उच्चतम न्यायालय के न्यायाधीश न्यायमूर्ति उदय उमेश ललित ने गत दिनों गुरूग्राम से किया। शुभारंभ कार्यक्रम का सीधा प्रसारण जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सिरसा स्थित एडीआर भवन में किया गया। इस अवसर पर राज्य स्तरीय कार्यक्रम में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सिरसा के चेयरमैन व जिला एवं सत्र न्यायाधीश राजेश मल्होत्रा ने शिरकत की। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव एवं मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी अनुराधा के निर्देशानुसार स्थानीय जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के पैनल अधिवक्ता व स्टॉफ सदस्य मौजूद रहे व कार्यक्रम का लाइव प्रसारण देखा।
कार्यक्रम में न्यायमूर्ति ललित ने सुलभ न्याय प्राप्त करने मे सहायक सुविधाओं और सूचनापरक पोस्टर भी लांच किए। जिनमें वीडियो कांफ्रेंसिंग सुविधा, लीगल ऐड काउंसल व लीगल ऐड प्राप्तकर्ता के लिए वीडियो कंसल्टेशन सुविधा, प्रदेश के 18 विधिक सेवाएं प्राधिकरण के फ्रंट ऑफिस कार्यालयों में किड्स जोन, आम जनता को प्री-अरेस्ट, अरेस्ट व रिमांड स्टेज के दौरान प्राप्त अधिकारों की जागरूकता के लिए 8 प्रकार के सूचनापरक पोस्टर शामिल हैं। इसके अलावा, जुवेनाइल जस्टिस (केयर एंड प्रोटेक्शन) एक्ट पर आधारित एक शॉर्ट फिल्म तथा लोगों को प्री-अरेस्ट तथा अरेस्ट के दौरान प्राप्त अधिकारों के बारे में एनीमेटिड फिल्म भी रिलीज की।
नालसा के कार्यकारी अध्यक्ष एवं उच्चतम न्यायालय के न्यायाधीश न्यायमूर्ति उदय उमेश ललित ने हालसा द्वारा आम जनता को कानूनी अधिकारों बारे जागरूक करने तथा न्याय दिलाने में सहायक कार्यक्रमों को वर्चुअल प्लेटफार्म के माध्यम से शुरू करने के लिए प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि नई सुविधाएं सृजित करने में राज्य सरकार का सहयोग भी सराहनीय है। इस मामले में हरियाणा ने पहल की है और देश की अन्य विधिक सेवाएं प्राधिकरण को भी हरियाणा द्वारा शुरू की गई पहल का अनुसरण करना चाहिए। उन्होंने हालसा द्वारा शुरू किए गए एक वर्षीय अभियान, जिसमें आम जनता को उनके कानूनी अधिकारों के बारे में जागरूक किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सुलभ न्याय दिलाने की दिशा में हरियाणा ने कई पहल शुरू की हैं। उन्होंने कहा कि सभी को सुलभ न्याय दिलाने के संबंध में जो अच्छे विचार या सुझाव आए, वे लागू करने के लिए प्रत्येक विधिक सेवाएं प्राधिकरण को भेजे गए। इसमें हर पुलिस स्टेशन में सार्वजनिक रूप से बोर्ड लगा होने व हिरासत में लिए गए व्यक्ति को 24 घंटे में मैजिस्ट्रेट के सामने प्रस्तुत करने तथा एफआईआर में ही लीगल एड संबंधी उल्लेख होने संबंधी प्रमुख सुझाव शामिल थे।
उन्होंने यह भी कहा कि कोविड महामारी के दौरान पूरी दुनिया थम सी गई थी और इससे यह सीख मिली कि हमें सभी को आसानी से न्याय दिलाने के लिए नए तरीके व उपाय करने होंगे और तकनीक का प्रयोग करना पड़ेगा। इस दिशा में भी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग सुविधा आदि शुरू करके हरियाणा ने अच्छी पहल की है। न्यायमूर्ति ललित ने फ्रंट ऑफिस कार्यालयों में किड्स जोन खोलने के कदम की प्रशंसा करते हुए कहा कि न्याय प्रक्रिया में कई बार हम बच्चे की कस्टडी से संबंधित फैसला सुनाते हैं जिसमें बच्चे को बुलाकर पूछा जाता है कि वह अपने पिता या माता किसके साथ रहना चाहता है। ऐसे मामले में किड्स जोन बच्चे को पर्सनल टच देने तथा उसे सहज रने में सहायक होगा, हालांकि केस में पिता जीते या माता, नुकसान बच्चे का ही होता है।
इससे पहले अपने विचार रखते हुए पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति रविशंकर झा ने बताया कि कोविड काल में भी हालसा सक्रिय रहा और इस एक वर्ष में 23 करोड़ रुपये से ज्यादा का मुआवजा पीडि़तों में वितरित किया गया जोकि पिछले चार वर्षों की तुलना में अधिक था। इसके अलावा, लगभग 250 टीकाकरण शिविर लगाए गए जिससे जेल स्टाफ, बंदियों, अधिवक्ताओं, पैरालीगल वालंटियरों आदि में स्वास्थ्य सुरक्षा की भावना आई। उन्होंने कहा कि सभी को सुलभता से न्याय दिलाने के लिए तकनीक के प्रयोग के माध्यम से वीडियो कांफ्रेंसिंग की सुविधा की जरूरत इस कोविड काल में महसूस की गई थी। उन्होंने ये भी कहा कि फं्रट ऑफिस कार्यालयो में किड्स जोन खुलने और नई सुविधाएं शुरू होने से कानूनी सेवाओं की गुणवत्ता में और सुधार आएगा। उन्होंने आशा जताई कि आज से न्यायमूर्ति ललित के हाथो शुरू हुए एक वर्षीय अभियान से प्रदेश के ज्यादा से ज्यादा लोगों को फायदा होगा। कार्यक्रम को हालसा के कार्यकारी अध्यक्ष एवं उच्च न्यायालय के न्यायधीश राजन गुप्ता तथा गुरुग्राम सैशन डिवीजन के एडमिनिस्ट्रेटिव जज जसवंत सिंह ने भी संबोधित किया।