जौनपुर

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जिलाधिकारी दिनेश कुमार सिंह ने बताया है कि संज्ञान में आया है कि जनपद में कुछ लोग चोरी-छिपे अन्य जनपदों एवं अन्य राज्यों से प्रवेश कर अपने घरों में रह रहे है। उन्होने कहा कि हर हाल में ऐसे लोगों को चिन्हित किया जाये। सभी थानाध्यक्षों को निर्देशित किया है कि अपने स्त्रोतो से जानकारी करे। जिलाधिकारी ने जनसामान्य से भी अपील किया है कि ऐसे लोग जो पिछले 10-15 दिनों से अन्य राज्यो से जनपद में आये है तो उनकी सूचना कन्ट्रोल रूम में दें। मुख्य विकास अधिकारी को निर्देश दिया कि सम्बन्धित व्यक्तियों की सूची बनाकर सभी थानाध्यक्ष/पुलिस अधीक्षक को उपलब्ध कराये। सम्बन्धित थानाध्यक्ष इनके विरूद्व लॉकडाउन तोड़ने और जनपद में अनाधिकृत रूप से प्रवेश करने पर रिपोर्ट भी दर्ज करें और इनको क्वारेन्टाइन शेल्टर में 14 दिन के लिए रखा जायेगा। उन्हाने बताया कि अभी तक ऐसे 126 लोग चिन्हित किये गये है जिन्हे 14 दिने के लिए क्वारेन्टाइन एंव उनके विरूद्व रिपोर्ट दर्ज करने का भी निर्देश दिया। साथ ही सैम्पल लेकर बीएचयू में जांच हेतु  भेजने का निर्देश दिया।
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जिलाधिकारी ने की आईएमए के सदस्यों तथा प्राइवेट डॉक्टरों के साथ बैठक
जिलाधिकारी दिनेश कुमार सिंह की अध्यक्षता में आईएमए के सदस्यों तथा प्राइवेट अस्पताल के डॉक्टरों की कलेक्ट्रेट कक्ष में बैठक संपन्न हुई। बैठक में जिलाधिकारी ने कहा कि प्राइवेट अस्पतालों में केवल गंभीर मरीज ही देखे जाएं ,ओपीडी में कम से कम मरीज देखे हैं, छोटी-मोटी बीमारियों के लिए डॉक्टर मरीजों को फोन पर ही चिकित्सीय परामर्श तथा इलाज की सुविधा दें, इसके लिए डॉक्टर अपने फोन नंबरों का प्रचार प्रसार कराएं । कोई भी प्राइवेट डॉक्टर सर्दी, खांसी, जुकाम के मरीजों को ना देखें ,उन्हें जिला अस्पताल भेजें। अस्पतालों में डॉक्टर अस्पताल के कर्मचारी मास्क लगाकर रहे हैं। अस्पताल में आने वाले उन्हीं मरीजों को देखा जाए जो मास्क लगा कर आयें। अस्पतालों में सोशल डिस्टेंसिंग का पालन किया जाए तथा सैनिटाइजेशन का कार्य भी कराया जाए।

      जिलाधिकारी ने सभी डाक्टरो हिदायत दी है कि शासन द्वारा निर्धारित प्रोटोकाल के अनुसार इमरजेंसी सेवाएं दी जाए जिससे कि सक्रमण को रोका जा सके। सबको हर क्षण सतर्क रहना पड़ेगा, क्योंकि कुछ जिलो में अस्पताल के माध्यम से व्यापक संक्रमण फैला है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी को निर्देश दिया कि एक टीम नामित कर दें जो सभी अस्पतालों का निरीक्षण करके देखें कि प्रोटोकॉल का पालन सभी अस्पतालों में हो ।