तृणमूल कांग्रेस ने रविवार को बीरभूम से सांसद शताब्दी रॉय को पार्टी की पश्चिम बंगाल इकाई का उपाध्यक्ष नियुक्त किया है। बीते शुक्रवार को शताब्दी बगावती तेवरों को लेकर सुर्खियों में आई थीं।

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तृणमूल कांग्रेस ने रविवार को बीरभूम से सांसद शताब्दी रॉय को पार्टी की पश्चिम बंगाल इकाई का उपाध्यक्ष नियुक्त किया है। बीते शुक्रवार को शताब्दी बगावती तेवरों को लेकर सुर्खियों में आई थीं। उन्होंने पार्टी के कुछ नेताओं पर खुद को नीचा दिखाने की कोशिश करने का आरोप लगाया था। इतना ही नहीं उन्होंने जल्द ही अपने राजनीतिक भविष्य को लेकर एलान करने का फैसला लिया था। हालांकि पार्टी के वरिष्ठ नेता अभिषेक बनर्जी से बात करने के बाद उनके तेवर नरम पड़ गए थे।
बनर्जी से बात करने के बाद उन्होंने कहा था, ‘मैंने आज अभिषेक बनर्जी से बात की और उन्होंने उन मुद्दों को समझा जो मैंने उठाए थे। मैं कल दिल्ली नहीं जा रही हूं। मैं तृणमूल के साथ ही रहूंगी।’ बता दें कि रॉय के भाजपा में शामिल होने की अटकलें लगाई जा रही थीं जिसपर अब उन्होंने विराम लगा दिया है। अब पार्टी ने उन्हें उपाध्यक्ष का कार्यभार सौंपा है।
विकल्प तलाशने के बजाय पार्टी के भीतर रखें बात
शताब्दी रॉय ने रविवार को कहा कि जिन्हें पार्टी से दिक्कत है, वह अन्य विकल्प तलाशने के बजाय पार्टी फोरम पर अपनी बात रखें। आज जब टीएमसी कठिन समय से गुजर रही है तो दूसरी पार्टी में जाना अनैतिक होगा।
अभिषेक बनर्जी से बात के बाद बदले शताब्दी रॉय के तेवर, कहा- तृणमूल के साथ ही रहूंगी

रॉय ने शनिवार को फेसबुक पोस्ट में टीएमसी नेता और सांसद अभिषेक बनर्जी की तारीफ करते हुए कहा, जिस तरह युवा नेता ने उनकी समस्याओं को सुना और समाधान का आश्वासन दिया, उससे वह खुश हैं। सारे मतभेद सुलझा दिए गए हैं। पार्टी इन मुद्दों को देखेगी।

उन्होंने आगे कहा कि मैं सभी कार्यकर्ताओं से कहना चाहती हूं कि अगर उन्हें कोई समस्या है तो पार्टी के भीतर चर्चा करें। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के भतीजे अभिषेक बनर्जी के साथ शताब्दी ने शुक्रवार को दो घंटे बैठक की थी, जिसके बाद उन्होंने टीएमसी छोड़ने की अटकलों पर विराम लगा दिया था।