तेलंगाना के श्रीशैल स्थित टीएस जेंको पावर प्लांट में आग लगने से इसके अंदर फंसे सभी नौ लोगों की मौत हो गई है।

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तेलंगाना के श्रीशैल स्थित टीएस जेंको पावर प्लांट में आग लगने से इसके अंदर फंसे सभी नौ लोगों की मौत हो गई है। बचाव दल को इन कर्मचारियों के शव मिल गए हैं। हालांकि, बचाव दल ने 10 लोगों को बचा लिया। हादसे की वजह शॉर्ट सर्किट बताई जा रही है। गुरुवार रात को पावर स्टेशन की इकाई 4 में विस्फोट के बाद आग लग गई थी।

तेलंगाना के सीएम के चंद्रशेखर राव ने मृतक इंजीनियर श्रीनिवास गौड़ के परिवार को 50 रुपये और बाकी आठ कर्मचारियों के परिजनोंं को 25-25 लाख रुपये मुआवजा देने का एलान किया है।

राष्ट्रपति ने पनबिजली संयंत्र हादसे पर शोक प्रकट किया
राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने तेलंगाना सीमा पर श्रीसैलम पनबिजली संयंत्र में आग लगने के हादसे में लोगों की मौत पर शोक प्रकट किया और घायलों के शीघ्र स्वस्थ्य होने की कामना की। राष्ट्रपति ने अपने ट्वीट में कहा, श्रीसैलम पनबिजली संयंत्र में आग लगने के हादसे में लोगों के मारे जाने से दुखी हूं। इस दुख की घड़ी में मेरी संवेदनाएं पीड़ित परिवारों के साथ हैं।

उप-राष्ट्रपति वेंकैया नायडू ने मारे गए लोगों के प्रति दुख जताया है। उन्होंने कहा कि दुर्घटना में मृतकों के बारे में जानकर दुखी हूं। पीड़ित परिवार के प्रति मेरी संवेदनाएं।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी मारे गए लोगों के प्रति संवेदना जताई है। उन्होंने कहा, ये घटना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। मेरी संवेदनाएं पीड़ित परिवारों के साथ हैं। घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना करता हूं।

बचाव दल द्वारा बचाए गए दस लोगों में से छह का श्रीशैल के एक अस्पताल में इलाज चल रहा है। बताया जा रहा है कि पैनल बोर्ड में शॉर्ट सर्किट के कारण आग लगी। घटना के समय स्टेशन में 17 लोग मौजूद थे। आग से आसपास घना धुआं छा गया। यह बांध कृष्णा नदी पर स्थित है जो आंध्र प्रदेश और तेलंगाना को विभाजित करता है।

ड्यूटी पर मौजूद अधिकारियों ने आग बुझाने का प्रयास किया, लेकिन बिजली बंद होने की वजह से उन्हें सफलता नहीं मिली। घने धुएं की वजह से स्टेशन पर बचाव कार्य में मुश्किल आ रही हैं। पावर फेलियर दूसरी बाधा है। राज्य सरकार ने एनडीआरएफ की मदद मांगी।

तेलंगाना के मंत्री जी जगदीश्वर रेड्डी ने कहा, ‘रात को साढ़े दस बजे यूनिट एक में आग लग गई। दस लोग बाहर आने में सक्षम रहे। प्लांट की पावर सप्लाई बंद कर दी गई थी। हम सिंगारनी कोयला खदान की मदद लेने की कोशिश कर रहे हैं क्योंकि उनके पास ऐसी स्थिति में विशेषज्ञता हो सकती है। फंसे हुए लोगों को बाहर निकालना पहली प्राथामिकता है।’