त्रिवार्षिक प्रतिनिधि सम्मेलन में धर्मेंद्र डांडा बने अध्यापक संघ के प्रदेश प्रधान

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हरियाणा सिरसा। हरियाणा विद्यालय अध्यापक संघ संबंधित सर्व कर्मचारी संघ एवं स्कूल टीचर फेडरेशन ऑफ इंडिया का 23वां त्रिवार्षिक प्रतिनिधि सम्मेलन यमुनानगर के शशी महल में बहुत ही शानदार तरीके से संपन्न हुआ। इस तीन दिवसीय प्रतिनिधि सम्मेलन की अध्यक्षता राज्य प्रधान सी.एन भारती ने की। सम्मेलन में तीसरे और अंतिम दिन पूरे राज्य में अलग-अलग गतिविधियों में अच्छा काम करने वाले जिलों को सम्मानित किया, जिसमें सिरसा जिले को प्रथम स्थान, फतेहाबाद जिले को द्वितीय स्थान व जींद जिले को तृतीय स्थान मिला। सराहनीय काम करने वाले जिलों को ट्रॉफी व समृति चिन्ह देकर सम्मानित किया। अध्यापक लहर सदस्यता बधाई संदेश लेखन कार्य में सराहनीय काम करने वाले जिलों को भी स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया। 2021 से 24 तक की राज्य कारिणी का गठन किया गया, जिसमें अध्यापकों व अन्य कर्मचारियों के हितों में काम पर आंदोलन करने के लिए प्रस्ताव पास किए गए। अध्यक्ष मंडल में यमुना स्मारिका 2021 का पत्रिका विमोचन किया जिसमें यमुनानगर की पत्रिका में यमुनानगर का अंनत हुआ बिखरा स्वर्णिम इतिहास, महामारी के शिक्षा पर प्रभाव, धर्मनिरपेक्ष शिक्षा, राष्ट्रीय शिक्षक आंदोलन, वर्तमान दौर और , एसटीएफआई राष्ट्रीय शिक्षक आंदोलन कर्मचारी आंदोलन मौजूदा किसान आंदोलन और राष्ट्रीय सरोकारोंआ सवाल, सम्मेलन के लिए तैयार विभिन्न कार्य समितियां, स्कूल टीचर फेडरेशन ऑफ इंडिया के मुख्य राष्ट्रीय मुद्दे लड़कियों की शिक्षा एवं चुनौतियां कॅरोना आपदा को अवसर में बदलना , कर्मियों पर आर्थिक हमले, बढ़ती महंगाई बेरोजगारी व ठेका कर्मियों की भर्ती करने के लिए बनाया गया निगम , व्यापक एकता एवं निर्णायक आंदोलन समय की जरूरत आदि मुद्दे स्मारिका पत्रिका में शामिल किए गए। हरियाणा विद्यालय अध्यापक संघ के मांग पत्र में सार्वजनिक शिक्षा का विस्तार, राशनलाइजेशन को व्यवहारिक करना एवं नए पदों का सृजन, अतिथि एडहॉक जेबीटी को पूर्ण पर नियमित किया जाए नियमित भर्ती नीति , अध्यापक प्रशिक्षण, विधायक की शक्तियों का प्रयोग करते हुए न्यायालय से प्रभावित अध्यापकों व कर्मचारियों की सेवा व अन्य लाभ दिलाने के सम्बंध में , स्थानांतरण नीति बारे अध्यापकों के अर्धवैतनिक अर्जित अवकाश व अन्य राज्यों की अध्यापकों के समक्ष किए जाएं, सभी वर्गों की पदोन्नति के वरिष्ठ एवं स्थायीकरण सूची, निदेशालय माध्यमिक शिक्षा संबंधी मुद्दे, निदेशक मौलिक शिक्षा संबंधी मुद्दे, गैर शैक्षणिक कार्यों के कार्यों के बारे में , नए सेवा नियम 2012 में वांछित संशोधन करवाने बारे सेवाकालीन प्रशिक्षण, बजट संबंधी अनेक मुद्दों को मांग पत्र में शामिल किया गए। सुरेश राठी व उधम सिंह राठी चुनाव अधिकारी ,सतीश सेठी मुख्य चुनाव अधिकारी रहे। मुख्य चुनाव अधिकारी ने बताया धर्मेंद्र डांडा राज्य प्रधान, प्रभु सिंह राज्य महासचिव, संजीव सिंगला राज्य कोषाध्यक्ष , चिरंजी लाल राज्य उप प्रधान, सुख दर्शन सरोहा संगठन सचिव, सतबीर गोयत प्रेस सचिव, मुकेश यादव ,जगतार सिंह ,सत्यनारायण यादव, सुनील यादव को उपप्रधान व अमरजीत सिंह, रामपाल शर्मा, जगपाल सिंह,राकेश शर्मा राज्य सचिव, अलका, सुशीला देवी व निशा महिला प्रधान, मंजू गुज्जर, निर्मला देवी, रेखा रानी महिला सचिव, वेदपाल रिढाल और विजयपाल राज्य ऑडिटर के पद पर सर्वसम्मति से चुने गए। अंत में आयोजन समिति के अध्यक्ष राकेश धनकड़ ने राज्यभर से आए हुए सभी राज्य प्रतिनिधियों का इस सम्मेलन को सफल बनाने पर बहुत-बहुत आभार प्रकट किया और नवनिर्वाचित राज्य कार्यकारिणी को बधाई दी। यह जानकारी जिला प्रेस प्रवक्ता कृष्ण कुमार कायत ने दी। प्रदेश उप प्रधान सुनील कुमार यादव ने बताया कि यह 3 दिन का राज्य प्रतिनिधि सम्मेलन बहुत ही सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ, इसमें 11 प्रस्ताव पास किए गए जिसमें अतिथि अध्यापकों को नियमित करना ,1983 पीटीआई और 850 से ज्यादा ड्राइंग टीचर की सेवा बहाली ऋषि कानून बिल की वापसी सार्वजनिक शिक्षा के विस्तार आदि आदि 11 प्रस्ताव पास किए गए और अध्यापकों से आह्वान किया कि जो प्रस्ताव पास किए गए हैं उन्हें क्रियान्वित करवाने हेतु स्कूलों में जाकर अध्यापकों को प्रेरित करें।