दरगाह आला हज़रत की अपील पर जुमा की नमाज़ में देशभर की मस्जिदों से हुआ NPR के बहिष्कार का ऐलान, कोरोना से बचने के लिए हिंदुस्तान सहित पूरी दुनिया के लिए की गई दुआ।

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बरेली:- आज जुमा की नमाज़ में क़ाज़ी-ए-हिन्दुस्तान मुफ्ती मोहम्मद असजद रज़ा ख़ान क़ादरी के बयान का असर बरेली समेत देशभर की मस्जिदों में जुमा की नमाज़ में देखने को मिला। मस्जिदों के इमामों ने एन०पी०आर० के बहिष्कार का खुल कर ऐलान किया। पुराना शहर, किला इलाका, बानखाना और कोहाड़ापीर से लेकर देहात तक दरगाह के बयान का असर देखने को मिला। मस्जिदों के इमामों ने जुमा की नमाज़ में कहा की मरकज़ ए अहले सुन्नत दरगाह आला हज़रत से काज़ी-ए-हिन्दुस्तान हुज़ूर असजद मियां का फरमान सिर आंखों पर और उन्हीं के फरमान को मानते हुए एन०पी०आर० का पूरी तरह से बहिष्कार किया जाएगा और कोई भी मुसलमान अपना कोई भी काग़ज़ नहीं दिखाएगा और न ही जानकारी देगा। हुकूमत 2011 की तरह जनगणना कराती है, तो उसमे सहयोग किया जाएगा। मरकज़ की आवाज़ पर लब्बैक़ कहते हुए कहा गया, खानकाहों से जुड़कर रहें, वहां से बुजुर्गो का फैज़ मिलता है। हर मोहल्ले में एक टीम बनाई जाए 15-15 जिम्मेदार लोगो की, जो घर-घर जाकर दरगाह के फरमान को बताया जाए और एन०पी०आर का बहिष्कार किया जाए। जमात के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सलमान मिया, फरमान मिया, और जमात की टीम ने किला की जामा मस्जिद में नमाज़ अदा की। वही दुसरी ओर दरगाह आला हज़रत की अपील पर बरेली की मस्जिदों में कोरोना वायरस से बचने और महफूज़ रखने के लिए हिन्दुस्तान समेत पूरी दुनिया के लिए खुसूसी दुआ की गई। इमामों ने येह भी कहा जो दरगाह से दुआ जारी की गई है, वोह अपने-अपने घरों पर लगाए। जिस्से वायरस से हिफाजत मिले। बारादरी मस्जिद, हाबिबिया मस्जिद, हकीम सुक्का मस्जिद, काले खाँ मस्जिद, नूरी मस्जिद, किला की जामा मस्जिद, लाल मस्जिद, मुफ्ती आज़म हिन्द मस्जिद, अज़हरी मस्जिद, अब्दुल्लाह मस्जिद, एक मिनार मस्जिद, बड़ी मस्जिद गोसियान, पहलवान सहाब की मस्जिद, मौलानगर मस्जिद आदी मस्जिदों में तकरीर की गई।