दलित चेतना श्रृंखला के तहत साहित्य अकादमी में दलित कवियों द्वारा प्रस्तुति।

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नई दिल्ली, 25 अक्टूबर 2019,
एडिटर ए जे थॉमस, दिल्ली ब्यूरो,

दलित चेतना श्रृंखला के तहत साहित्य अकादमी में दलित कवियों द्वारा बहुत रोचक और मार्मिक प्रस्तुति का कार्यक्रम हुआ।
महाराष्ट्र की दलित साहित्य की प्रमुख रचनाकार सुशीला टाकभौरे, दलित कार्यकर्ता, रचनाकार और साहित्यकार एवं शिक्षिका अनीता भारती, और युवा साहित्यकार अरुण ने बहुत सशक्त कविताएं सुनाईं। सभी कवियों का परिचय प्रमुख महिला कवि अनामिका ने कराया। इस कवि सम्मेलन का संचालन साहित्य अकादमी के श्री थॉमस ने किया।
कवि सुशीला ने अपनी कविताओं में जिस उम्मीद और विद्रोह की बात की वह बहुत जीवट और संवेदनशील मन की उपज हो सकती है।
वहीं अनीता भारती ने सामान्य जीवन के मामूली जनजीवन से अपनी संवेदनाएं व्यक्त करती हैं।

कवि अरुण ने भय के भीड़ में तब्दील होते और हिंसा और उससे उपजती क्रूरता को रेखांकित किया। मोबलिंचिंग, दलित उत्पीड़न, उपेक्षा पर बहुत सशक्त कविताओं का पाठ किया।