दिल्ली सरकार के विज्ञापन में सिक्किम को बताया भारत से अलग

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दिल्ली सरकार के विज्ञापन में सिक्किम को बताया भारत से अलग, उठे सवाल
   दिल्ली सरकार की ओर से सिविल डिफेंस के सदस्यों की भर्ती के लिए अखबारों में विज्ञापन प्रकाशित कराया गया है। इसमें आवेदन के लिए पात्रता के कॉलम में नेपाल और भूटान के साथ सिक्किम को भी भारत से अलग दिखाया गया है।
नेपाल और भूटान के साथ अलग देश के रूप में किया उल्लेख
विज्ञापन पर छपी है मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की तस्वीर कोरोना वायरस की महामारी से जूझ रहे देश में दिल्ली सरकार के एक विज्ञापन ने नया बखेड़ा खड़ा कर दिया है। दिल्ली सरकार की ओर से समाचार पत्रों में प्रकाशित कराए गए एक विज्ञापन में सिक्किम को नेपाल और भूटान के साथ अलग देश के तौर पर भारत से अलग बताया गया है। अब दिल्ली सरकार के इस विज्ञापन को लेकर सवाल उठने लगे हैं।
बताया जाता है कि दिल्ली की अरविंद केजरीवाल सरकार की ओर से सिविल डिफेंस के सदस्यों की भर्ती के लिए अखबारों में विज्ञापन प्रकाशित कराया गया है। इस विज्ञापन में आवेदन के लिए पात्रता के कॉलम में लिखा गया कि भारत का नागरिक हो या नेपाल, भूटान या सिक्किम की प्रजा हो। नेपाल और भूटान के साथ सिक्किम को भी भारत से अलग दिखाया गया है।
इस विज्ञापन पर दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की फोटो भी छपी है। कोरोना वायरस से दिल्ली में हुई मौतों के मुद्दे पर विपक्ष के निशाने पर रही अरविंद केजरीवाल की सरकार ने विपक्ष को हमलावर होने का एक और मौका दे दिया है।
गौरतलब है कि साल 1975 में भारत का अंग बना सिक्किम, उत्तराखंड, झारखंड और छत्तीसगढ़ के गठन से पहले देश का सबसे नया राज्य हुआ करता था। बता दें कि दिल्ली सरकार ने सिविल डिफेंस वॉलंटियर्स की भर्ती के लिए विज्ञापन निकाला है।
सिक्किम के मुख्य सचिव एससी गुप्ता ने इस पर आपत्ति जताई है। उन्होंने एक पत्र के माध्यम से दिल्ली सरकार के इस रवैये पर आपत्ति जताई और लिखा कि ये दुखदाई है। यहाँ तक खुद सिक्किम के मुख्यमंत्री प्रेम सिंह तमांग ने भी ट्वीट कर इस आपत्ति जताई है और जल्द से जल्द सुधार करने के लिए कहा है।
गुप्ता ने अपने आधिकारिक पत्र में लिखा कि ये एक बेहद ही नुकसानदायक क़दम है। उन्होंने कहा कि सिक्किम के लोग इस महान राष्ट्र का हिस्सा होने को लेकर गौरव महसूस करते हैं। बता दें कि मई 16, 1975 को सिक्किम भारतीय गणराज्य का 22वाँ राज्य बना था। आईएएस अधिकारी गुप्ता ने इस पत्र के साथ-साथ दिल्ली सरकार द्वारा दिए गए एडवर्टाइजमेंट की कॉपी भी संलग्न की और दिल्ली के मुख्य सचिव को प्रेषित किया।
मुख्य सचिव ने इस आपत्तिजनक विज्ञापन को जल्द से जल्द वापस लेने की अपील की है। साथ ही एक ऐसी विज्ञप्ति जारी करने की अपील की गई है, जिससे सिक्किम के लोगों की भावनाओं को ठेस न पहुँचे। बता दें कि इस विज्ञापन के सार्वजनिक होने के बाद सोशल मीडिया पर भी लोगों ने केजरीवाल सरकार के खिलाफ कड़ा विरोध दर्ज कराया था।