दिल्ली सरकार ने अपने सभी विभागों, जिला प्रशासन, नगर निगमों, स्वायत्त संस्थाओं को निर्देश दिया है कि राष्ट्रीय राजधानी में स्थित अपने कार्यालयों में वे ट्रांसजेंडर के लिए अलग शौचालय बनाएं।

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दिल्ली सरकार ने अपने सभी विभागों, जिला प्रशासन, नगर निगमों, स्वायत्त संस्थाओं को निर्देश दिया है कि राष्ट्रीय राजधानी में स्थित अपने कार्यालयों में वे ट्रांसजेंडर के लिए अलग शौचालय बनाएं। सरकार ने एक आदेश में कहा कि अगर ऐसे शौचालयों का तुरंत निर्माण नहीं किया जा सकता है तो ऐसी स्थिति में ट्रांसजेंडर को दिव्यांगों के लिए बनाए गए शौचालयों का उपयोग करने की अनुमति दी जाए।

आदेश के अनुसार, ‘ट्रांसजेंडर व्यक्ति (अधिकार संरक्षण) कानून, 2019 के प्रावधान 22 के तहत सभी ट्रांसजेंडर के लिए पर्याप्त कल्याणकारी कदम सुनिश्चित करने के लिए सभी विभागों, सभी स्वायत्त संस्थाओं, पीएसयू, कॉरपोरेशन और दिल्ली सरकार के सभी स्थानीय निकायों के तहत आने वाले सभी सार्वजनिक भवनों को निर्देश दिया जाता है कि वे ट्रांसजेंडर के लिए चिह्नित शौचालयों का निर्माण कराएं।’
नयी दिल्ली नगरपालिका परिषद (एनडीएमसी) के बजट 2021-22 में राष्ट्रीय राजधानी में ट्रांसजेंडर के लिए अलग शौचालय निर्माण का प्रावधान किया गया है। ट्रांसजेंडर के लिए शौचालय निर्माण पूरा करने के लिए दो साल की समस सीमा तय की गई है।