उत्तराखण्ड, देहरादून में ,
अटल आयुष्मान योजना का केवल प्रचार जनता को नहीं मिल रहा कोई लाभ-धस्माना:-
उत्तराखण्ड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के वरिश्ठ उपाध्यक्ष सूर्यकान्त धस्माना ने उत्तराखण्ड सरकार द्वारा शुरू की गई अटल आयुष्मान स्वास्थ्य बीमा योजना को त्रिवेन्द्र सरकार का एक और जुमला करार देते हुए कहा कि इस योजना का प्रचार प्रसार जिस युद्ध स्तर पर किया गया ठीक उसके  विपरीत इस योजना के अन्तर्गत बनाये गये गोल्डन कार्ड अधिकांश अस्पतालों में स्वीकार ही नहीं किये जा रहे । श्री धस्माना ने कहा कि योजना एक दर्जन के करीब शिकायतों तो केवल देहरादून से उनके पास आ रही हैं जिसमें अस्पतालों मेडिकल काॅलेजों द्वारा गोल्डन कार्ड स्वीकार नहीं किये जाने के मामले सामने आ रहे हैं।। श्री धस्माना ने कहा कि हाल ही में हल्द्वानी के एक नये निजी अस्पताल  ने  गुलरभोज निवासी सत्रह वर्षीय सचिन कुमार जो कि किडनी बिमारी से त्रस्त था अस्पताल ने गोल्डन कार्ड स्वीकार करने से मना कर दिया व मरीज को उपचार करने  से मन कर दिया जिसके कारण सचिन की मौत हो गये हैं।
श्री  धस्माना ने कहा कि योजना की आड में बडा घोटाला  नजर आ रहा है क्योकि इस योजना में बडी संख्या मं ऐसे अस्पताल भी  इम्पलालमेंट कर दिये गये हैं जो कि क्लीनीनिकल इस्टैबलिशमेंन्ट  एक्ट के तहत पंजीकृत नहीं है।
श्री धस्माना ने कहा कि हाल ही में लोक निर्माण विभाग क अवकाश प्राप्त अभियन्ता के पुत्र का किडनी अस्पताल का मामला सामने आया जिसमें उनके द्वारा जब बिल भुगतान के लिए गोल्डन कार्ड प्रस्तुत किया तो अस्पताल ने कार्ड स्वीकार करने से मना कर दिया और मरीज को सारा भुगतान नकद करना पडा।
श्री धस्माना ने कहा कि अगर अटल आयुष्मान योजना का यही हाल रहा तो आने वाले समय में लोग मजबूर होकर गोल्डन कार्डों को मुख्यमंत्री जी को सामूहिक रूप से वापस भेंट करेंगे।
श्री धस्माना ने कहा कि अटल आयुष्मान स्वस्थ्य योजना की तुलना में कांग्रेस सरकार के कार्यकाल की मुख्यमंत्री स्वास्थ्य बीमा योजना कहीं बेहतर थी जिसमें बीमार व्यक्ति का एक लाख पचहत्तर हजार रूपया सहायता के रूप में दिया जाता था और उसमें परिवार के सदस्यों की सीमा नहीं थी ।