उत्तराखंड की राज्यधानी देहरादून में ऐसी0 एसटी 0 और पिछड़ा वर्ग हितैषी वाली भाजपा सरकार को काँग्रेस पार्टी ने लताड़ा :-
उत्तराखंड की राज्यधानी देहरादून में कांग्रेस प्रदेश प्रवक्ता मनीष कर्णवाल ने बयान जारी करते हुए कहा कि  भाजपा सरकार द्वारा एससी एसटी और पिछडेवर्ग के हितैषी होने का दंभ भरा जाता है और दावा किया जाता है कि भाजपा ही इस समुदाय का हित कर सकती है और भाजपा ही इनका भला कर सकती है और आगामी चुनाव में इस वर्ग का वोट पाने की जुगत करने में लगी है मगर भाजपा की करनी और कथनी में कितना अंतर है यह भाजपा की उत्तराखंड सरकार द्वारा इन वर्गों को मिलने वाली छात्रवृत्ति के संबंध में जारी किए गए आदेश से पता चलता है ।भाजपा की उत्तराखंड सरकार द्वारा एससी एसटी और पिछड़ा वर्ग के छात्र छात्रों को मिलने वाली क्षत्रावृत्ति को लेकर स्पष्ठ आदेश किया है कि ऐसे छात्र जो निजी संस्थानों में शिक्षा ग्रहण कर रहे है और इसके लिए वे फीस के रूप में मोटी धनराशि का भुगतान करते है जिसके अनुसार उनको छात्रवृत्ति का भुगतान होना चाहिए मगर उनको अब सरकारी संस्थानों की फीस के हिसाब से ही छात्रवृत्ति का भुगतान किया जाएगा जो कि बहुत ही निंदनीय है सरकार को इस फैसले को तुरंत वापस लेना चाहिए
प्रदेश की भाजपा सरकार के इस तुगलगी फरमान से यह साफ होता है कि भाजपा और भाजपा के नेता अनुसूचित जाति ,जनजाति और पिछड़े वर्ग का हित नहीं चाहते है बल्कि वे उनको पिछड़ा ही बना रहने देना चाहते है ।भाजपा इन वर्गों को केवल अपने वोट बैंक के रूप में इस्तेमाल करना चाहती है और इनका इस्तेमाल कर 2019 में फिर से सत्ता में काबिज होना  चाहती है ।
इस आदेश से भाजपा की।मानसिकता का पता चलता है कि भाजपा दलित वर्गों को सत्ता पाने के लिए इस्तेमाल कर उनको पिछड़ा ही बना रहने देना चाहती है ।ऐसा लगता है कि भाजपा भीमराव अंबेडकर के सपने को साकार नही करना चाहती है ,जिन अम्बेडकर ने पिछड़े वर्गों का पिछड़ापन दूर करने के लिए देश मे आरक्षण की व्यवस्था की थी मगर इस तुगलकी फरमान से  इन वर्गों का पिछड़ापन दूर नही हो सकता है ,अगर  उत्तराखंड की भाजपा नित सरकार का यह आदेश लागू होता है तो पता नही कब तक यह वर्ग समाज मे सिर उठाकर जीने लायक स्थिति में आ पाएंगे।शायद यह वर्ग यू ही समाज से अपनी सम्मान की लड़ाई को अनंत समय तक लड़ते ही रहेंगे और भाजपा अपनी राजनीतिक रोटियां सेकती रहेगी ।
उत्तराखण्ड़ राज्य में सभी कोर्सो में अध्ययनरत् अनुसूचित जाति / अन्य पिछडा वर्ग के छात्र / छात्राओं को भारत सरकार से मिलने वाली शुल्क प्रतिपूर्ति / छात्रवृत्ती को उत्तराखण्ड़ काग्रेस सरकार द्वारा पारित आदेश ११ जनवरी २०१७ के आधार पर ही देने के आदेश  समाज कल्याण विभाग द्वारा पोर्टल पर फीस प्रतिपूर्ति केवल सरकारी स्कूल/ कालेजो की फीस के बराबर ही दिया जायेगा जिस कारण भिन्न- भिन्न कोर्सों में प्राइवेट संस्थानों में अध्ययनरत छात्र/ छात्राअों को केवल सरकारी संस्थाओ में लागू फीस के अनुसार ही फीस प्रतिपूर्ति /  छात्रवृत्ती मिलेगी इस प्रकार से प्राइवेट संस्थानो में अध्ययनरत छात्र/ छात्राओं की पढ़ाई पर संकट पैदा हो गया है इससे अनुसूचित जाति /अन्य पिछड़े वर्ग के गरीब निर्धन छात्र / छात्राओं के लिये  शिक्षा ग्रहण करना एक सपना मात्र रह जायेगा ।