नई दिल्ली: उत्तरी अरब सागर में एक बार फिर भारत और जापान के बीच मजबूत दोस्ती की झलक दिखी. शनिवार को यहां भारत और जापान की नेवी के बीच साझा अभ्यास शुरू हुआ. भारत और जापान का ये संयुक्त अभ्यास चीन के लिए एक सशक्त संदेश भी है.

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नई दिल्ली: उत्तरी अरब सागर में एक बार फिर भारत और जापान के बीच मजबूत दोस्ती की झलक दिखी. शनिवार को यहां भारत और जापान की नेवी के बीच साझा अभ्यास शुरू हुआ. भारत और जापान का ये संयुक्त अभ्यास चीन के लिए एक सशक्त संदेश भी है. चीन के खिलाफ दुनिया में एक बड़ा गठबंधन बनने जा रहा है. दोनों देशों की नेवी के बीच ये अभ्यास कल यानी सोमवार तक जारी रहेगा.

संयुक्त अभ्यास को ‘जीमेक्स’ नाम दिया गया है. इस साझा अभ्यास से भारतीय नौसेना की अभियान क्षमताओं को मजबूती मिलेगी.

इस हाई क्लास नेवल एक्सरसाइज में तकनीक से लेकर रणनीतिक बारीकियों को भी साझा किया जा रहा है.

दोनों देशों के बीच 9 सितंबर को एक समझौता हुआ था. इस समझौते के बाद ये पहला साझा अभ्यास है.

इस दौरान वेपन फायरिंग, क्रॉस डेक हेलीकॉप्टर अभियान और कॉम्प्लेक्स सर्फेस, एंटी सबमरीन और हवाई सुरक्षा ड्रिल्स, ये सभी दोनों देशों की नौसेनाओं के मजबूत समन्वय को आगे बढ़ाएंगी.

भारतीय नौसेना स्वदेश में विकसित स्टील्थ डेस्ट्रॉयर चेन्नई, तेग क्लास स्टील्थ फ्रिगेट तरकश और फ्लीट टैंकर दीपक के साथ हिस्सेदारी कर रही है, जबकि जापानी नौसेना की समुद्री सेल्फ डिफेंस फोर्स कागा युद्धपोत, इजुमो क्लास हेलिकॉप्टर डेस्ट्रॉयर और गाइडेड मिसाइल डेस्ट्रॉयर इकाजुकी के साथ शिरकत कर रही है.