नई दिल्ली, कोरोना वायरस से निपटने के लिए अब दिल्ली के हर घर में सर्वे होगा

0
33

नई दिल्ली, कोरोना वायरस से निपटने के लिए अब दिल्ली के हर घर में सर्वे होगा। दिल्ली एम्स सहित सभी नगर निकायों की स्वास्थ्य टीमें घर-घर जाकर न सिर्फ लोगों से फ्लू इत्यादि के लक्षणों के बारे में पता करेंगी, बल्कि संदिग्ध लोगों की कोरोना जांच भी होगी। रविवार को केंद्रीय गृह मंत्रालय, स्वास्थ्य मंत्रालय और दिल्ली सरकार के बीच संयुक्त बैठक में यह अहम फैसला लिया गया। इसके अलावा दिल्ली में जल्द ही आरटी पीसीआर तकनीक से कोरोना वायरस की जांच दोगुना करने के निर्देश जारी किए हैं। इनके अलावा स्वास्थ्यकर्मियों की कमी को देखते हुए सीआरपीएफ से अतिरिक्त डॉक्टर और पैरा मेडिकल स्टाफ देने की अनुमति दी गई है। इन कर्मचारियों को जल्द ही एयरलिफ्ट करके दिल्ली लाया जाएगा।
बैठक के दौरान केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने स्वास्थ मंत्रालय और दिल्ली सरकार को बीआईपीएपी मशीनों एवं उच्च प्रवाह नैजल कैनुला की अपेक्षित संख्या में उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। अगले दो दिन में यह दिल्ली सरकार के अस्पतालों में उपलब्ध होंगी। इनके अलावा कोरोना उपचार को लेकर प्लाज्मा चिकित्सा पर मानक प्रोटोकॉल जारी होगा, जिसका पालन प्रशासन को करना होगा। बैठक खत्म होने के बाद गृहमंत्री अमित शाह ने कहा कि मोदी सरकार ने दिल्ली की जनता को कोरोना से बचाने के लिए दिल्ली सरकार के साथ विभिन्न कदम उठाए थे, जिनके सकारात्मक नतीजे देखने को मिले थे।
झुग्गी इलाकों में तैनात होंगी टीमें
बैठक के दौरान दिल्ली के झुग्गी इलाकों पर विशेष निगरानी की जरूरत बताई गई। इस मुद्दे पर लंबी चर्चा के बाद यह निर्णय लिया है कि इन इलाकों में स्वास्थ्य मंत्रालय और आईसीएमआर की निगरानी में स्वास्थ्य टीमें तैनात होंगी। इनके अलावा मोबाइल जांच वैन भी मौजूद होगी। ताकि ज्यादा से ज्यादा लोगों की समय पर कोविड जांच हो सके।
हर निजी अस्पताल में पहुंचेगी टीम
अस्पतालों में बिस्तरों की सही संख्या की जानकारी लोगों तक पहुंचाना बेहद जरूरी है। गृह मंत्रालय के साथ हुई बैठक में जब यह मुद्दा उठा तो एजेंसियों को इस मामले में स्पष्ट और सख्त रहने के लिए कहा गया। इस दौरान कहा गया कि निजी अस्पतालों में स्वास्थ्य टीमें पहुंचेंगी और वहां बिस्तरों की वर्तमान स्थिति को स्पष्ट रूप से दर्शाने के नियमों का पालन कराया जाएगा। टीम में अलग-अलग विभाग के अधिकारी भी शामिल होंगे। कोरोना संबंधी मेडिकल इंफ्रास्ट्रक्चर की उपलब्धता और मरीजों की भर्ती की स्थिति का निरीक्षण भी इन्हीं टीमों के जरिए कराया जाएगा।
मास्क नहीं तो कार्रवाई तय
गृह मंत्रालय ने दिल्ली पुलिस सहित सभी एजेंसियों को राजधानी में सख्ती बरतने के निर्देश दिए हैं। किसी के चेहरे पर मास्क नहीं है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। कोरोना संबंधी सतर्कता नियमों का हर संभव तरीके से पालन कराना जरूरी है। सभी जिलाधिकारियों को भी इससे जुड़े निर्देश दिए जाएंगे।
एनसीआर की हर सप्ताह होगी समीक्षा
दिल्ली में संक्रमण बढ़ने से आसपास के शहरों में भी खासा असर दिखाई दे रहा है। इसलिए बैठक में फैसला लिया है कि दिल्ली और एनसीआर के शहरों की स्थिति जानने के लिए हर सप्ताह समीक्षा की जाएगी। ताकि नजदीक से इस पर निगरानी रखी जा सके।
मशीन उपलब्ध करवाने में भी मिलेगी मदद
बैठक के बाद शाह ने सिलसिलेवार ट्वीट कर कहा, केंद्र सरकार दिल्ली को ऑक्सीजन, हाई फ्लो नैजल कैनुला और अन्य स्वास्थ्य उपकरण उपलब्ध कराएगी ताकि ज्यादा से ज्यादा लोगों की जान बचाई जा सके। राजधानी में टेस्टिंग लैब की क्षमता बढ़ाई जाएगी और मोबाइल टेस्टिंग वैन को उन इलाकों में तैनात किया जाएगा, जहां संक्रमण अधिक है। धौला कुआं में डीआरडीओ के कोविड अस्पताल में 500 अतिरिक्त आईसीयू बेड की व्यवस्था की जाएगी। साथ ही छतरपुर स्थित कोविड सेंटर में ऑक्सीजन बेड की संख्या में भी इजाफा किया जाएगा। बैठक में मुख्यमंत्री ने दी रिपोर्ट
केजरीवाल ने बैठक में बताया कि हमने सभी निजी अस्पतालों से कोविड मरीजों के लिए बेड की संख्या बढ़ाने और कोरोना मरीजों के लिए 80 फीसदी बेड आरक्षित करने के लिए कहा है। पिछले सप्ताह दिल्ली उच्च न्यायालय ने राज्य सरकार को कोरोना मरीजों के लिए 33 प्राइवेट अस्पतालों में 80 फीसदी आईसीयू (गहन चिकित्सा इकाई) बेड दो सप्ताह के लिए आरक्षित करने की अनुमति दे दी है। मुख्यमंत्री ने बताया कि 16641 कोविड बेड पूरी दिल्ली के अस्पतालों में हैं। इनमें से 5451 बेड दिल्ली सरकार के अस्पतालों में है, जबकि 3721 बेड केंद्र सरकार के अस्पतालों में हैं।(UNA)