नई दिल्‍ली नए कृषि कानूनों के विरोध पर गृह मंत्री अमित शाह ने शुक्रवार को एक अहम बात कही। उन्‍होंने शंकरलाल गुरु कमिटी का जिक्र किया जो कृषि क्षेत्र में सुधारों के लिए बनाई गई थी।

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नई दिल्‍ली
नए कृषि कानूनों के विरोध पर गृह मंत्री अमित शाह ने शुक्रवार को एक अहम बात कही। उन्‍होंने शंकरलाल गुरु कमिटी का जिक्र किया जो कृषि क्षेत्र में सुधारों के लिए बनाई गई थी। शाह ने कहा क‍ि उस समिति ने जो सिफारिशें की थीं, उन्‍हीं को मोदी सरकार ने लागू किया है। शाह ने कहा कि 2001 में मोंटेक सिंह अहलूवालिया ने भी यही प्रस्‍ताव दिए थे। शरद जोशी टास्‍क फोर्स ने भी यही सिफारिशें कीं। शाह ने कहा क‍ि यही प्रस्‍ताव मॉडल एपीएमसी ऐक्‍ट 2003 (Model APMC Act 2003) में आए। यही सिफारिशें स्‍वामीनाथन कमिशन की रिपोर्ट में थी और जब शरद पवार कृषि मंत्री थे, तब जो समिति बनी थी, उसने भी यही सिफारिशें कीं।

शाह का इन सारी समितियों का जिक्र करना यह जताने के लिए था कि जिन प्रावधानों का आज विरोध हो रहा है, कभी इन्‍हीं के लिए राजनीतिक दल धरना-प्रदर्शन किया करते थे। शाह ने जिस शंकरलाल गुरु कमिटी का जिक्र किया, उसका गठन अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार के समय हुआ था। उस समिति ने 2001 में अपनी रिपोर्ट सौंपी। उसी के आधार पर मॉडल एपीएमसी ऐक्‍ट, 2003 का ड्राफ्ट तैयार हुआ था। क्‍या थीं शंकरलाल गुरु कमिटी की सिफारिशें?
इस समिति ने कुल 45 सिफारिशें की थीं, जिनमें से प्रमुख इस प्रकार हैं।

एग्रीकल्‍चरल मार्केट्स का डी-रेगुलेशन हो।
डायरेक्‍ट मार्केटिंग को बढ़ावा दिया जाए। पंजाब और हरियाणा का उदाहरण दिया गया।
APMC मार्केट्स से इतर नए मार्केट चैनल्‍स बनें।
जल्‍दी खराब हो जाने वाले माल (फल, सब्‍जी) के लिए अलग बाजार हो। देशभर में ऐसी कम से कम 241 जगहों की पहचान की गई थी।
विकसित और प्रबंधित बाजारों में पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप हो।
स्‍टोरेज इन्‍फ्रास्‍ट्रक्‍चर को बढ़ाया जाए। समिति ने उस वक्‍त 20 मिलियन अतिरिक्‍त स्‍टोरेज क्षमता की जरूरत बताई थी।
कॉन्‍ट्रैक्‍ट फार्मिंग को बढ़ावा दिया जाए। किसानों और खरीदारों के बीच एक कॉन्‍ट्रैक्‍ट हो जिसमें किसान एक तय कीमत पर अपनी फसल खरीदार को बेचे। उसे खरीदार से तकनीकी मदद मिले।
जरूरी वस्‍तु अधिनियम, 1955 को वापस लिया जाए।
सरकार एग्रीकल्‍चरल मार्केट क्रेडिट पॉलिसी बनाए।
किसानों को PM ने सब कुछ समझाया
अधिकतर सिफारिशें नए कानूनों का हिस्‍सा
केंद्र सरकार ने जो तीन नए कृषि कानून- कृषक उपज ट्रेड और कॉमर्स (प्रोमोशन और सरलीकरण) कानून 2020, कृषक (सशक्‍तिकरण व संरक्षण) कीमत आश्‍वासन और कृषि सेवा पर करार कानून 2020 और आवश्यक वस्तु (अमेंडमेंट) कानून 2020 पारित किए हैं, उनमें ऊपर बताई गईं अधिकतर सिफारिशें शामिल हैं। नए कृषि कानूनों में कोर्ट में जाने के हक पर क्या है विवाद, समझिए

विपक्ष झूठ फैला रहा है: शाह
शाह ने शुक्रवार को कहा विपक्ष कृषि कानूनों पर बेवजह होहल्ला मचा रहा है। उन्होंने कहा, ‘‘मैं पूरे देश में किसानों को बताना चाहता हूं कि विपक्षी नेताओं के पास कोई मुद्दा नहीं है और वे झूठ फैला रहे हैं कि एमएसपी खत्म हो जाएगा। प्रधानमंत्री ने यह स्पष्ट किया है और अब मैं फिर से स्पष्ट करता हूं कि एमएसपी है और आगे भी रहेगा।’’ शाह ने कहा कि संप्रग नेताओं को एमएसपी के बारे में बोलने का कोई अधिकार नहीं है। उन्होंने कहा कि फसलों की लागत पर डेढ़ गुना न्यूनतम समर्थन मूल्य की किसानों की मांग को पूरा करने के लिए उनके द्वारा कुछ भी नहीं किया गया था और यह मोदी सरकार द्वारा लागू किया गया।