नवी मुंबई, पनवेल और पुणे जाने में बचेंगे 30 मिनट, घाटकोपर-मानखुर्द लिंक फ्लाइओवर बनने से सफर हुआ आसान

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मुंबई ; बहुप्रतीक्षित घाटकोपर-मानखुर्द लिंक फ्लाइओवर के बन जाने से मुंबई से नवी मुंबई, पनवेल व पुणे जाने का सफर और आसान हो गया है। बीएमसी का बनाया हुआ 2.90 किमी लंबे इस फ्लाइओवर के बन जाने से इन स्थानों पर जाने में 30 मिनट का समय बचेगा। साथ ही पूर्वी उपनगर की ट्रैफिक समस्या भी दूर हो जाएगी। फ्लाइओवर का निर्माण कार्य 25 जुलाई को ही पूरा हो गया। लेकिन इसके उद्घाटन के लिए इंतजार करना पड़ेगा। स्थापत्य समिति अध्यक्ष स्वप्निल टेम्बवलकर ने बताया कि मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे व आदित्य ठाकरे अभी बाढग़्रस्त इलाकों के दौरे पर हैं। इसलिए उद्घाटन की तारीख नहीं मिल पाई है।
एम ईस्ट वार्ड (गोवंडी) के वीर जिजामाता भोसले मार्ग पर इस फ्लाइओवर का निर्माण किया गया है। चीफ इंजीनियर (ब्रिज) सतीश ठोसर ने बताया कि इसका काम 25 जुलाई को ही पूरा कर लिया गया। इस संबंध में लिखित जानकारी बीएमसी प्रशासन को दे दी गई है। इसके शुरू होने से मुंबई के पूर्वी उपनगर से बाहर जानेवालों के आवागमन में काफी आसानी होगी।
फ्लाइओवर बन जाने के बावजूद अभी लोगों को उस पर सफर करने के लिए इंतजार करना पड़ेगा, क्योंकि मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे और मंत्री आदित्य ठाकरे बाढ़ग्रस्त क्षेत्रों के दौरे पर हैं।
टेम्बवलकर ने बताया कि फ्लाइओवर के उद्घाटन की तारीख अभी निश्चित नहीं हुई है, क्योंकि मुख्यमंत्री और आदित्य ठाकरे बाढ़ग्रस्त इलाकों के दौरे पर हैं। उनके मुंबई आने पर उद्घाटन के लिए संपर्क किया जाएगा। वहां से तारीख निश्चित होने के बाद उद्घाटन के कार्यक्रम की घोषणा की जाएगी।
इस फ्लाइओवर के नामकरण को लेकर काफी राजनीति हुई। शिवसेना सांसद राहुल शेवाले ने ब्रिज का नाम एक सूफी के नाम पर रखने के लिए मुख्यमंत्री को पत्र लिखा था, जबकि उसके पहले बीजेपी सांसद मनोज कोटक ने छत्रपति शिवाजी महाराज नाम देने की मांग की थी।
नामकरण के मुद्दे पर शिवसेना-बीजेपी आमने-सामने आ गए थे। इस मुद्दे पर स्थापत्य समिति की बैठक में बीजेपी ने काफी हंगामा किया था। टेम्बवलकर ने कहा कि बीजेपी ने इस पर राजनीति की। जब फ्लाई ओवर का काम पूरा ही नहीं हुआ था तो उसका नामकरण कैसे किया जाए, जबकि शिवसेना नगरसेविका ने सबसे पहले शिवाजी महाराज नाम देने की मांग की थी। फ्लाइओवर का निर्माण कार्य पूरा होते ही उसे छत्रपति शिवाजी महाराज नाम दिया गया।
इस फ्लाइओवर के बन जाने से शिवाजी नगर जंक्शन, बैगनवाड़ी जंक्शन, देवनार डंपिंग ग्राउंड, फायर ब्रिगेड व मोहिते- पाटील एरिया में ट्रैफिक समस्या दूर हो जाएगी। पहले इस एरिया में लोग ट्रैफिक समस्या से जूझते थे।
फ्लाइओवर का सफर आसान बनाने के लिए बीएमसी ने पहले 24.2 मीटर बेसमेंट कास्टिंग तैयार कर पुल का निर्माण किया है। टेम्बवलकर ने बताया कि कुछ दिन पहले ही मैंने स्थापत्य समिति कर सदस्यों व बीएमसी अधिकारियों के साथ दौरा किया था और निर्माण कार्य की प्रगति देखी थी।
इस फ्लाई ओवर के नामकरण के मुद्दे पर शिवसेना- बीजेपी ने काफी समय तक आरोप- प्रत्यारोप का दौर चला था। शिवसेना जहां सूफी संत का नाम देना चाहती थी वहीं बीजेपी छत्रपति शिवाजी महाराज नाम देने पर अड़ गई थी। आखिरकार ब्रिज को शिवाजी महाराज का नाम दिया गया।