नव संवतोत्सव के अवसर पर हजारों श्रद्धालुओं ने नवाया बाबा सरसाई नाथ डेरा में शीश

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डेरा बाबा सरसाईनाथ को भव्य तरीके से सजाया गया, सुबह सवेरे से लगा श्रद्धालुओं का तांता

सिरसा: -।(सतीश बंसल)
डेरा बाबा सरसाईनाथ में नव संवतोत्सव मेले में शनिवार सुबह सवेरे से ही श्रद्धालुओं का तांता लगना शुरू हो गया। जो मध्यरात्रि तक जारी रहेगा। मंदिर के महंत सुंदराई नाथ के मार्गदर्शन में सैंकड़ों कार्यकर्ता मेले के आयोजन में लगे हुए थे। डेरा परिसर को भव्य तरीके से सजाया गया था। नव संवतोत्सव के अवसर पर श्रद्धालुओं ने सरसाईनाथ की समाधि पर भगवा चादर अर्पित की, प्रसाद चढ़ाया।

नव संवत के अवसर पर सैंकड़ों वर्षों से डेरा बाबा सरसाईनाथ में मेले का आयोजन किया जाता है। सिरसा व आसपास के लोग नव संवत के अवसर पर डेरा परिसर में आना शुभ मानते हैं। शनिवार को सुबह सवेरे से ही महिलाओं, बच्चों व आमजन ने डेरा बाबा सरसाईनाथ में माथा नवाया। इस अवसर पर आए हुए श्रद्धालुओं को चूरमे का प्रसाद वितरित किया गया। इस अवसर पर कमलाई नाथ, जुगताईनाथ सहित अनेक सदस्य मौजूद रहे। शहर के गणमान्य लोगों ने भी बाबा सरसाईनाथ मंदिर में पहुंच कर समाधि के आगे शीश नवाया।

डेरा बाबा सरसाईनाथ मुगलकालीन डेरा है। मान्यता है कि सिरसा नगर की स्थापना यहीं से हुई है। मुगल बादशाह शाहजहां के बेटे दारा शिकोह को बाबा सरसाईनाथ ने जीवनदान दान दिया। जिसके पश्चात मुगल सम्राट ने यहां भवन का निर्माण करवाया था। मुगल सम्राट द्वारा दिया गया ताम्रपत्र आज भी सुरक्षित है। वहीं अजमेर के ख्वाजा पीर ने भी बाबा जी का चमत्कार स्वीकार किया था।