“नागरिक” पाक्षिक अखबार का वार्षिक सेमीनार संपन्न

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20 अक्टूबर

UNA/दिल्ली ब्यूरो,

नई दिल्ली.

फासीवाद और मीडिया विषय पर आयोजित सेमीनार में विस्तार से फासीवाद के चरित्र और उसमें मीडिया की भूमिका पर चर्चा हुई.  आज दिल्ली के गांधी शांति प्रतिष्ठान में नागरिक अधिकारों को समर्पित पाक्षिक समाचार पत्र द्वारा फासीवाद और मीडिया पर सेमिनार आयोजित किया गया। सेमिनार में अध्यक्ष मंडल में वर्कर्स यूनिटी के संदीप, यथार्थ से सिद्धांत, क्रालोस से पी पी आर्या, जन संघर्ष मंच से सी डी शर्मा, पी यू डी आर से अर्जुन प्रसाद  और नारभिन्दर ने की। सेमिनार का संचालन रोहित ने किया। सेमिनार की शुरुआत प्रगतिशील सांस्कृतिक मंच बरेली के टीम ने क्रांतिकारी गीत से की। इसके बाद सेमिनार पत्र पर बातचीत रखते हुए नागरिक के संपादक नरेंद्र ने कहा कि भारत में फासीवाद का खतरा आसन्न है। भारत का पूंजीपति वर्ग आज भाजपा को अपने मुफीद मानता है और उसे सत्ता में लाने के लिए जी जान लगा दिया । वक्ताओं ने फासीवाद की भूमिका को विस्तार देने के मीडिया की भूमिका को रेखांकित किया और यह आरोप लगाया कि आज पूरा का पूरा मीडिया जगत सरकार और फासिस्टों के एजेंट के रूप में काम कर रहे हैं. वक्ताओं ने यह भी कहा कि जिस हिंदुत्व की दुहाई आज भाजपा और आर एस एस दे रही हैं, उनका हिन्दुत्व हिन्दू धर्म से एकदम अलग है। जनता की पक्षधर मीडिया और वैकल्पिक मीडिया पर भी वक्ताओं ने जोर दिया और आगाह किया कि समय रहते इस दिशा में कदम नहीं उठाया गया तो फासीवाद देश को बहुत संकट में डाल देगा और समाज को तहस नहस कर डालेगा. सेमिनार में वक्ताओं ने फसीवाद के चरित्र, भारत में हिन्दू फासीवाद के कारनामों और उससे लड़ने की जरूरत पर बल दिया।

हिम्मत सिंह

दिल्ली ब्यूरो