पटना: आज से शुरू हो रहे विधानमंडल सत्र में बहुमत साबित करने के बाद नीतीश कुमार इसी माह अपनी कैबिनेट का विसतार कर सकते हैं

2
240

पटना: आज से शुरू हो रहे विधानमंडल सत्र में बहुमत साबित करने के बाद नीतीश कुमार इसी माह अपनी कैबिनेट का विसतार कर सकते हैं. माना जा रहा है कि मुख्यमंत्री 17 और विधायकों को मंत्री बना सकते हैं. इसमें भाजपा की भागीदारी अधिक होगी.
सूत्रों की मानें तो इनमें जदयू से सात और भाजपा से 10 मंत्री बनाये जाने की संभावना है. इस विस्तार के बाद नीतीश कैबिनेट में मंत्रियों की संख्या 32 हो जायेगी. हालांकि, विधानसभा में कुल विधायकों की संख्या 243 के आधार पर अधिकतम 36 मंत्री बनाये जा सकते हैं.
अभी भाजपा कोटे से 7 और जदयू कोटे से 5 मंत्री हैं. इनमें से भी जदयू कोटे से मेवालाल चौधरी इस्तीफा दे चुके हैं यानी नीतीश समेत 5 बचे हैं. वीआइपी व हम से एक-एक मंत्री बनाये गये हैं. माना जा रहा है कि अब जो विस्तार होगा, उसमें सिर्फ भाजपा और जदयू से मंत्री बनाये जायेंगे.
अभी दोनों पार्टियों के कई पूर्व मंत्री और प्रबल दावेदारों को पहले कैबिनेट में स्थान नहीं मिला है. उनमें से कई को मंत्री बनाया जा सकता है. कुछ एक एमएलसी भी मंत्री बनाये जा सकते हैं.
पिछली सरकार में भाजपा के कोटे से डिप्टी सीएम समेत 13 मंत्री थे. सीएम को मिलाकर जदयू कोटे से 22 मंत्री थे. अबकी बार विस्तार में भाजपा के कोटे में मंत्रियों की संख्या 19 तक हो सकती है और जदयू के कोटे से 16.
कैबिनेट विस्तार में अभी जदयू कोटे में सीएम समेत 5 मंत्री हैं. 11 और शपथ ले सकते हैं यानी कुल 16. भाजपा के अभी 7 मंत्री हैं. 12 और मंत्री बन सकते हैं, यानी कुल 19. बिहार में कुल 44 विभाग हैं, लेकिन यहां मंत्रियों के लिए 36 पद ही स्वीकृत किये गये हैं, जो विभाग बचते हैं, उन्हें मुख्यमंत्री देखते हैं.
16 नवंबर को नीतीश कुमार ने एनडीए के घटक दलों के नेताओं के साथ शपथ ली थी, लेकिन उस समय सांकेतिक रूप से कुछ ही नेताओं का शपथ हो पाई थी. इसी वजह से एक-एक मंत्री को पांच-पांच विभागों की जिम्मेदारी दी गई है.
डिप्टी सीएम तारकिशोर प्रसाद के पास 6, विजय कुमार चौधरी और अशोक चौधरी को 5 विभाग, जबकि विजेंद्र प्रसाद यादव को 4 विभाग दिए गए हैं. दूसरी डिप्टी सीएम रेणु देवी, मंगल पांडेय, अमरेंद्र प्रताप और जीवेश कुमार को 3-3 विभाग देखने हैं.
रामसूरत राय और संतोष कुमार सुमन दो-दो विभागों की जिम्मेदारी देखेंगे. शीला कुमारी, मुकेश सहनी और रामप्रीत पासवान एक-एक विभाग देखेंगे जबकि मेवालाल चौधरी इस्तीफा दे चुके हैं.(UNA)

2 COMMENTS

  1. The only real answer is maybe it will work, maybe it won’t.
    Would I rely on expired meds to keep my heart beating?
    Nope. For IBS? Maybe, depending on how bad the symptoms
    affect me and I would probably try them if my guts hurt and it was midnight and I didn’t have anything else to resort to.
    Some things hold up beyond the expiration.

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here