राज्य में उद्योग लगाने वालों को राज्य सरकार हर संभव मदद करेगी। इसके लिए बिहार आद्योगिक प्रोत्साहन नीति में अगर और सुधार की जरूरत पड़ेगी तो वह भी किया जाएगा। सरकार चाहती है कि बिहार में उद्योग लगें और अच्छे उत्पाद तैयार हों। हम चाहते हैं कि राज्य के व्यापारी उद्योग में भी निवेश करें। ये बातें मुख्यमंत्री ने सोमवार को सीएम सचिवालय में आयोजित उद्यमी पंचायत में कही।

मुख्यमंत्री ने उद्योग क्षेत्र के प्रतिनिधियों को भरोसा दिलाया कि उनके सुझावों पर सरकार विचार करेगी। उद्यमी पंचायत में आये सुझावों पर मुख्य सचिव और संबंधित विभागों के प्रधान सचिव-सचिव इस पर अलग से विचार करेंगे। जरूरत पड़ी तो उद्योग क्षेत्र के प्रतिनिधियों से और विचार-विमर्श करेंगे। यह उद्यमी पंचायत बिहार औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन नीति 2016 पर मध्यावधि समीक्षा के लिए लगाई गई थी। इसका उद्येश्य ता कि इसमें और क्या-क्या सुधार किये जा सकते हैं, इस पर विचार हो, ताकि उद्योग में विकास हो। उन्होंने यह भी कहा कि बिहार में उद्योग लगाने वालों को उद्योग विभाग सम्मानित करेगा। उन्होंने कहा कि राज्य के सभी क्षेत्रों में विकास हुआ है। उद्योग के क्षेत्र में कुछ कमी रह गई है। आपलोगों के सहयोग से इस क्षेत्र को आगे बढ़ाया जा सकता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमलोग पिछले 13-14 वर्षों से राज्य की सेवा कर रहे हैं। राज्य में कानून व्यवस्था बेहतर हुई है। हर घर तक बिजली पहुंच गई है। गांव-गांव लोग फ्रीज, एसी का उपयोग करने लगे हैं। लोगों तक बिजली की पहुंच हो जाने से अन्य उत्पादों की बिक्री काफी बढ़ी है। राज्य में कई दुकानें खुली हैं। लोग अब सामान खरीदने के लिए राज्य के बाहर नहीं जा रहे हैं, बल्कि यहां के छोटे-छोटे शहरों में सभी सामान दुकानों में उपलब्ध हैं। परिवहन के क्षेत्र में काफी काम किया गया है। अच्छी सड़कें बनी हैं। बड़ी संख्या में फ्लाई ओवर का निर्माण कराया गया है। गांवों, टोलों में भी पक्की गली-नाली का निर्माण कराया जा रहा है। पटना शहर के अंदर की सड़कों को बेहतर बनाने के लिए हमलोग काम कर रहे हैं। शहर हो या गांव महिलाएं व्यवसाय के क्षेत्र में आगे आ रही हैं। आईटी क्षेत्र के लिए मल्टी स्टोरी बिल्डिंग बनायी जा रही है।